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Saturday, May 19, 2012


पहला दिन 
कबीर जैसा महान विचारक संसार में कोई नहीं
प्रदेश सरकार विकास के साथ संस्कृति को बचाने का कार्य कर रही है 
सागर /मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चैहान द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप  सागर में सदगुरू कबीर महाकुंभ का त्रिदिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ। जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये कबीर पंथ के साधु संतो ने सदगुरू विचारों पर आधारित विचार रखे । इस कुंभ महोत्सव का शुभारंभ पंचायत एवं ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने अन्य अतिथियों के साथ कबीर आकृति के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया । सांसद श्री भूपेन्द्रसिंह, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री नारायण कबीर पंथी, म.प्र.महिला वित्त एवं विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती सुधा जैन, महापौर श्रीमती अनीता अहिरवार सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और संतो की उपस्थिति में महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पंचायत मंत्री श्री भार्गव ने कबीर पंथ के संतजनों का सम्मान किया । समारोह में कबीर पंथ के संतजनों-अनुयायियों ने सदगुरू कबीर की आरती से अपने शुभ आयोजन की शुरूआत की । सदगुरू कबीर महाकुंभ के शुभारंभ अवसर पर पंचायत मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि जिस तरह प्रकाश के क्षेत्र में सूर्य सर्वश्रेष्ठ है उसी तरह विचारों की श्रंृखला में कबीर जैसा महान विचारक संसार में नहीं है । उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सदियों से आक्रमणकारियों द्वारा आक्रमण कर, शासन व शक्ति के बल पर संस्कृति को नष्ट करने का काम हो रहा था । इसी दौर में संत कबीर जैसे विचारक का प्राकृयटीकरण हुआ । उनके विचार आज के दौरे में भी ज्यादा प्रासंगिक है । जिन्होंने जाति धर्म, सीमाओं की बाध्यताओं से परे समाज कल्याण, समानता व समरसता के साथ जीवन जीने विचार दिये है । श्री भार्गव ने कहा कि आज अनेक तरह के ढोगी व पांखडी, साधु संतो के वेश में विभिन्न चैनलो के माध्यम से समाज को गलत दिशा दे रहे है किन्तु कबीर के अनुयायी संत आज भी पूरे विश्व को समानता के सूत्र में पिरौने के विचार समाज को दे रहे है । कबीर के विचारों और बताये गये मार्गो पर चलने की शिक्षा देने के कार्य में लगे संत बन्दनीय व अनुकरणीय है । उन्होंने कहा प्रदेश सरकार विकास के साथ संस्कृति को बचान व संवारने के लिये भी काम कर रही है । इसी क्रम में वृद्धो को तीर्थ दर्शन योजना में धर्म क्षेत्रों में भेजने का कार्य किया जा रहा है । आपने कहा संस्कृति बचाने के लिये प्रदेश सरकार सहयोग करके थोड़ा बहुत अंश देती है किन्तु साधु संत इस कार्य को सम्पूर्णता प्रदान करते है ।समारोह में महंत रामजीवन शास्त्री ने कहा कि कबीर विचारों के अनुसार सभी इंसान एक ही परमात्मा की संताने है कोई मुस्लिम, हिन्दु, या पारसी किसी भी जाति या धर्म के साथ पैदा नहीं होता है । सदगुरू ने संत, अहिसा, एकता और सदभावना का पाठ पढाया है । उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता को समझा जाये तो सदगुरू का ज्ञान दर्शन ऐसा दर्शन है जो समाज और देश को धर्म व जाति से ना बांधकर विश्व बन्धुत्व को महत्व देता है । समारोह में लावणी सौराष्ठ से आये संत चरणदास बाबू ने कबीर के विचार भावन कल्याण के लिये समर्पित है । अल्लाह, राम, रहीम सब एक है । किसी भी धर्म का व्यक्ति कबीरपंथ को अपना सकता है । कबीरपुर में मझार एवं कबीरपादुका साथ-साथ स्थित है । सदगुरू के विचार कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर पक्ति से ही प्रकट होता है जो दुनिया के हर व्यक्ति का कल्याण चाहते है । पूर्व में आयोजन के संयोजक और राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी ने स्वागत भाषण दिया और परकोटा सागर में 300 वर्ष पूर्व से स्थापित कबीर आश्रम का इतिहास बताया जिसे महारानी लक्ष्मीबाई ने संत मोतीदास साहब को दान में दिया था अब 1995 से संत रामजीवन शास्त्री इसे और विकसित कर रहे है। उन्होंने महंत के द्वारा अर्जित 1800 वर्ग फुट जमीन पर भवन निर्माण के लिये शासन से सहयोग दिलाने की अपेक्षा की । महोत्सव में छत्तीसगढ की कु.आरती ने स्वागत भजन प्रस्तुत किया और अंत में विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने संतों की महिमा का बखान कर, मुख्य अतिथि श्री भार्गव और सभी शामिलजनों के प्रति आभार व्यक्त किया । महोत्सव अवसर पर उज्जैन, चित्रकूट, छत्तीसगढ,लावणी सौराष्ठ, हरिद्वार आदि देश के विभिन्न स्थानों से आये संतजन और कबीरपंथ के अनुयायी बडी संख्या में उपस्थित थे ।
दूसरा दिन 
                                        संतो के बताये गये मार्ग पर 
चलकर जीवन को कल्याणमयी बनाये
सागर /प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण राज्यमंत्री श्री हरीशंकर खटीक ने आज सागर में चल रहे सदगुरू कबीर महाकुंभ महोत्सव के दूसरे दिवस के कार्यक्रम में भाग लिया । सागर के नगर निगम स्टेडियम में त्रिदिवसीय सदगुरू कबीर महाकुंभ महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि राज्यमंत्री श्री हरीशंकर खटीक ने कहा कि सागर नगर का सौभाग्य है कि यहां सदगुरू कबीर पंथ के संतो और विद्वानों ने महाकुंभ में उपस्थित होकर लोगों के कबीर के विचार पर आधारित ज्ञान और मार्गदर्शन दिया है । यदि महाकुंभ में शामिल लोग बताये गये मार्ग पर चलेगे तो सभी का जीवन कल्याणमयी हो जायेगा । उन्होंने कहा कि कबीर ऐसे विचारक और ज्ञानी थे जिनके मन से जो विचार निकले उसी भाषा की अलग व्याकरण बनी । आपने कबीर के दोहे पौथी पढ पढ जग मुआ, हुआ ना पण्डित कोय, दो आखर प्रेम के पढे सो पंडित होय को अपने जीवन चरित्र में उतारकर पूरे समाज और विश्व में प्रेम भावना का संचार करने की आवश्यकता व्यक्त की । राज्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार मध्यप्रदेश में संगीत,कला, साहित्य, आध्यात्म और शौर्य आदि विधाओं के क्षेत्रों में काम करने वाले व्यक्तियों के आदर्श और नाम को याद करने के लिये विभिन्न आयोजन कर रही है । इसी क्रम में महू में बाबा अम्बेडकर कुंभ, उज्जैन कुंभ, सागर में रविदास कुंभ और अब कबीर कुंभ आयोजित कर रही है । सागर का सदगुरू कबीर कुंभ आगे और भव्य रूप में आयोजित हो इसके लिये प्रदेश सरकार भरपूर सहयोग देगी । इस महाकुंभ की गंूज इतनी फैलनी चाहिये कि कबीर प्राकटय के उत्तरप्रदेश के साथ समूचे राष्ट्र में पता लगना चाहिये कि सागर में कबीर कुंभ होने लगा और पूरे देश से लोग इस कुभ में भाग लें तथा कबीर के विचारों को जानकर उन्हें आत्मसात करे और मानव कल्याण व विश्व शांति के लिये प्रयास करे।
भौतिक विकास के साथ नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का विकास जरूरी
कबीर महाकुंभ में महन्त श्री रामजीवन शास्त्री ने कहा कि सरकार को भौतिक विकास के उत्तरदायित्वों के साथ जनता के नैतिक व आध्यात्मिक विकास की दिशा में भी प्रयास करना चाहिये तभी समाज में शांति सद्भाव और प्रेम का वातावरण बनेगा । आपने कहा कि धर्म के मर्ग को समझना है तो कबीर दर्शन सम्पूर्ण है । कबीर भाषा के पीछे नहीं, भाषा कबीर के पीछे चली है । कबीर ने हिन्दी साहित्य को विस्तार दिया है । उन्होंने व्यक्त किया कि भक्ति करे शूरमा जाति वर्न सब खोय वही सच्चा कबीर भक्त है । संत चरणदास बाबू ने कहा कि जिस देह में काम व क्रोध दो राजा रहते है उस देह की सलामती नहीं । परमात्मा की कृपा से मानव शरीर मिला है तो काम, क्रोध व लालच को मारकर शूरवीर बने फिर भक्ति करें तभी सतधाम पहंचा जा सकता है । आपने सत्य के नाम की विस्तृत व्यवस्था कर लोगो को सदगुरू कबीर के बताये गये मार्ग पर चलने की सीख दी । समारोह में अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष श्री नारायण कबीर पंथी ने कहा कि कबीर ने स्वयं को दास कहा है वे दास नहीं समाज के मार्गदर्शक थे इसलिये उन्हें सदगुरू संबोधित किया जाना चाहिये । आपने बताया कि 20 मई को मुख्यमंत्री आयेंगे  तब उनसे कबीर जयंती का ऐच्छिक अवकाश को सामान्य अवकाश घोषित कराने की मांग करेगे । महोत्सव का संचालन संत सुरेश्वर, श्री एम.डी.त्रिपाठी व संत अर्जुन दास ने किया और अंत में आभार प्रदर्शन पूर्व विधायक श्री धरमू राय ने किया । समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आये भजन गायकों ने भजन प्रस्तुत किये । इस अवसर पर भूमि विकास बैंक अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र केसरवानी व अन्य जनप्रतिनिधि, देश के विभिन्न क्षेत्रो से आयेे कबीर पंथ के संतगण और कबीर पंथ के अनुयायी उपस्थित थे । सागर। एडीना कॉलेज प्रबंधन पर एक छात्र ने कागजात मांगने के नाम पर ७५ हजार की अवैध राशि मागने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि पूर्व छात्र अर्जुन राजपूत ने कलेक्टर के माध्यम से आयुक्त उच्च शिक्षा और राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विवि के कुलपति से शिकायत की है। छात्र ने वर्ष २०१०-११ में बीई प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लिया था। फीस के रूप में २५ हजार कॉलेज को दिए थे। फिर अगले सत्र की वह पढ़ाई नहीं कर सका। लेकिन जब सैनिक ार्ती के लिए कक्षा १०वीं, १२वीं की अंक सूची मंगी तो प्रबंधन इसके बदले में ७५ हजार रूपए की मांग की। इसलिए वह सैनिक ार्ती में चयनित होने से वंचित रह गया। अतरू छात्र ने कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई करने की मांग की है। सागर।  टीबी अस्पताल की दो मंजिल इमारत में अंदरुनी साज-सज्जा का पूरा काम बचा है। लाइट की फिटिंग का काम ाी अ ाी पूरा बाकी है। ावन का निर्माण कर रहे ठेकेदार नायर स्वयं स्वीकार करते हैं कि यह काम किसी ाी तरह ३० जून तक पूरा नहीं किया जा सकता। ाीषण आर्थिक संकट के चलते बार-बार अटक रहे टीबी अस्पताल का काम एक बार फिर तय समय ३० जून तक पूरा होता नहीं दि ााई देता। पहले इसे सित बर माह में पूरा किया जाना था। बुंदेल ांड चिकित्सा महाविद्यालय के अस्तिव में आने से पूर्व टीबी हॉस्पिटल तिली वार्ड में संचालित होता था। चिकित्सा महाविद्यालय बनाने के लिए टीबी हॉस्पिटल ावन को गिरा दिया गया। इसके बाद जिला चिकित्सालय के पीछे नया टीबी अस्पताल बनाए जाने की योजना बनी। सन २००८ में इसके टेंडर डाले गए। टीबी अस्पताल ावन के निर्माण की जि मेदारी मिली नायर कंस्ट्रक्शन को। जिसे सित बर २०११ में २ करोड़ रूपए की लागत से टीबी अस्पताल की बिल्डिंग तैयार करनी थी।  ाीषण आर्थिक संकटों के बीच आरं ा हुआ काम अनेक बार रुक गया। सित बर में यह निर्माण पूरा करने का लक्ष्य र ाा गया था, किन्तु ाीषण आर्थिक संकट ने लक्ष्य को अ ाी  बढ़ा दिया। स्वास्थ्य वि ााग द्वारा समय पर धन  नहीं उपलब्ध कराए जाने के कारण यह योजना पूरी नहीं की जा सकी। पीडब्ल्यू डी के कार्यपालन अ िायंत्रा एच के राजपूत ने बताया कि गत मार्च माह में टीबी अस्पताल ावन का निर्माण कर रही नायर कंस्ट्रक्शन को पिछला बकाया चुका दिया गया है। अब उसके केवल डेढ़ ला ा रूपए ही देना बाकी रह गए हैं। मार्च तक मंथर गति से चल रहे निर्माण कार्य में आगे के दिनों में थोड़ी गति तो पकड़ी लेकिन इस दौरान मजदूरी और निर्माण सामग्री के मूल्य में वृद्घि ने काम की गति नहीं बढऩे दी। इसका नतीजा यह निकला कि टीबी अस्पताल ावन में अ ाी ाी काफी काम बाकी बचा है।
ट्रेफिक पुलिस का पैगाम हम नहीं सुधरेंगे
मनोज शुक्ला 
सागर। शहर की ट्रेफिक व्यवस्था हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर चल रही है। जबकि डीआईजी जे.पी.अहिरवार ने दो बार तीनबत्ती क्षेत्र आकर व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी उपस्थिति में अवैध पार्किंग स्थलों से ेवाहन हटवायें। साथ ही यातायात पुलिस को व्यवस्था सुधारने निर्देश दिए। लेकिन जिन क्षेत्रों से उन्होंने व्यवस्था सुधरवाई थी अब ाी उन स्थानों पर  वाहनों की पार्किंग यथावत हो रही है। गौरतलब है कि यातायात पुलिस शहर में अत्याधिक निष्क्रिय है वह केवल छोटे-मोटे वाहनों के चालान बनाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते है। जबकि बहुत सारे मामले हैं जिनकी ओर से यातायात अमला बे ाबर बैठा है। नियमों के अनुसार वाहन चलाते समय कपड़े से मुंह ढांकना आपत्तिजनक है फिर ाी अमले ने इन मामलों पर सं ावतया कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि ऐसे नकाबपोश बनकर वाहन चलाने से दुर्घटना आदि परिस्थितियों में वाहन चालक की  पहचान नहीं हो पाती है। जिससे वे अवैध कार्यों को अंजाम देकर निकल जाते हैं।  यातायात पुलिस इस मामले में ोद ााव ाी बरत रही है। जहां पुरूषों पर क ाी क ाार कार्रवाई का नाटक करती है दूसरी तरफ महिलाओं को सद ाावना पूर्वक छोड़ देती है। इसी प्रकार मोटर व्हीकल अधिनियम के मुताबिक वाहनों के शीशों पर किसी ाी प्रकार की फिल्म इत्यादि नहीं चढ़ी होनी चाहिए।  फिर ाी शहर में ऐसे अनेक वाहन घूमते रहते हैं लेकिन यातायात अमला इनकी अनदे ाी कर रहा है। जिससे काले शीशों के पीछे इन वाहनों में अनैतिक कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है। चूंकि ऐसे चार पहिया वाहन अमीरजादों के होते हैं या प्र ाावशाली व्यक्तियों के वाहन होने की वजह से अमला कार्रवाई करने से डरता है। पुलिस, पे्रस, लि ाकर ाी वाहनों को चलाने की यातायात पुलिस ने छूट देकर र ाी है। जबकि दे ाा जाए तो ऐसे वाहनों में से अधिकांश वाहन न तो पुलिस के होते हैं और ना ही प्रेस से संबंध र ाते हैं, लेकिन इन शब्दों की वजह से लोगों को समय वे समय बचकर निकलने का अवसर मिल जाता है। इसलिए इन का बेरोकटोक प्रयोग किया जा रहा है। यही नहीं आज कल तो आर्मी लि ाकर ाी स्कूटी जैसे वाहन चलाए जा रहे हैं। जबकि ये वाहन निश्चित रूप से आर्मी के नहीं है। फिर ाी यातायात पुलिस की लापरवाही ने ऐसे प्रयोगों को बढ़ा दिया है। ाासतौर से युवा वर्ग वाहनों को बेतहाशा स्पीड से वाहन चला रहे हैं साथ ही वनवे का ाी पालन नहीं करते हैं जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। इसको ाी रोकने की दिशा में प्रयास नहीं हो रहे हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना ाी प्रतिबंधित है, इस वजह से ाी दुर्घटना हो सकती है इसलिए इस प्रावधान को लागू किया है साथ ही यातायात पुलिस को नियम का उल्लंघन करने पर चालान करने का अधिकार है। दे ाा जा रहा है कि वे इस प्रावधान को लागू कराने में कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। इसके अलावा नगर यातायात के साधनों में मु य रूप से चैपिंयन वाहन चल रहे हैं जो तीनबत्ती, मस्जिद, नमकमंडी क्षेत्र में ाारी अव्यवस्थाएं फैलाते हैं मस्जिद के पीछे ये लोग अपने वाहन बीच सड़क पर ाड़े कर देते है। इसी प्रकार नमक मंडी में कीर्ति स्तं ा के पास अस्त व्यस्त वाहन ाड़े करते है जिससे आवागमन में ाारी परेशानी होती है।
यातायात अमला ही फैलाए है अव्यवस्थाएं
सागर। शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। यही नहीं यातायात अमला ही अव्यवस्थाएं फैलाने में लगा है। फलस्वरूप तीनबत्ती से लेकर गुजराती बाजार के बीच में थाने की गाड़ी ही बीच सड़क पर ाड़ी कर दी जाती है। यही कारण रहा कि शुक्रवार की शाम को एक युवक वाहन टकराने से एक्सीडेंट का शिकार हो गया। हालांकि यातायात अमला मौजूद था। लेकिन निगम मार्केट से पहले हुए हादसे को वे टाल नहीं सके। इसके अलावा सुचारू यातायात में बाधक बनकर थाना प्र ाारी स्वयं सड़क के बीच से ाड़े रहते हैं। जिससे डिवाइड सड़क के एक ओर वाहन और दूसरी ओर वे स्वयं आवागमन में परेशानी पैदा करते हैं।
नियमों से हैंअनभिज्ञ 
हालांकि डीआईजी ने पिछले दिनों तीनबत्ती पर आकर यातायात सुधारने की कवायद की थी। अमले को फटकार लगाई थी। लेकिन उन्हें ाी यातायात व्यवस्था के नाम पर फैली अव्यवस्थाएं नहीं दि ाीं। इसलिए पैदल चलने वालों के साथ ही वाहन चालकों की हादसे की आशंका बनी रहती हैं।
 अब सवाल यह है कि यातायात अमला यदि यातायात के नियमों को नहीं जानता है। तब व्यवस्था में सुधार होना तो हमेशा संदिग्ध रहेगा। जबकि हर वर्ष सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। फिर ाी सागर में पदस्थ अमला नियमों से अन िाज्ञ है। साथ ही थाना प्र ाारी ाी अन िाज्ञ हैं। यह कहना था कि गलत नहीं होगा कि जब डीआईजी मौके पर थे, तब उन्होंने ाी यातायात नियमों के विपरीत की गई व्यवस्थाओं पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
रोक के बाद पार्किंग
तीनबत्ती पर कोर्ट के आदेश पर पार्किंग के लिए रोक लगी है। बाकायदा यहां बोर्ड लगा है। फिर ाी अमले को कोई चिंता नहीं है। यही नहीं दुकानदारों ने ाी सड़क तक अपनी दुकानें फैलाकर र ाी हैं। जबकि इन्हीं दुकानदारों को पूर्व में अनेक तरह की आपत्तियां थीं। इसके अलावा गौरमूर्ति और रोड डिवाइडर के बीच के निकास को बंद कर दिया है। जबकि इसे यातायात अमला बंद नहीं कर सकता है। इनके कारण अवैध रूप से करीब करीब आधी सड़क तक पार्किंग बन गई है। बड़ा बाजार जाने वाले मार्गों पर रोक लगी है। जिसे रोकने बीच में बैरीकेट्स र ा छोड़े हैं। इस प्रकार तीनबत्ती क्षेत्र में पूरा दृश्य यह है कि यातायात अमले ने नियम विरूद्घ बायीं ओर का मार्ग अवरूद्घ करके र ाा है। परकोटा तरफ से आने वाले वाहनों और कटरा की ओर से बड़े बाजार जाने वाले मार्गों के वाहनों को यातायात अमला चुपचाप दे ाता रहता है।
जिससे हादसे होने की सं ाावना बनी रहती है। तीनबत्ती से कटरा, मस्जिद से विजय टाकीज रोड, गुजराती बाजार सड़क के दोनों ओर वाहन सब्जी के ठेले, फल वाले आदि छोटे दुकानदार सड़कों पर डेरा जमाए हैं। थाना के चारों ओर दुकान लगी है। जिन्हें व्यवस्थित करने में रूचि नहीं ली जा रही है। यदि डीआईजी  ने इस पर गौर नहीं किया है। तब कौन आएगा जो यातायात थाना के अमले को नियम स मत कार्य करने प्रेरित करेगा। एसपी वैसे ाी शहर में रूचि नहीं ले रहे हैं। सीएसपी का ध्यान ाी यातायात पर विशेष रूप से नहीं है। आम जनता को तो बड़ा बाजार जाने के लिए प्रतिबंध है। लेकिन पुलिस के वाहन और नेताओं को कोई नियम नहीं है। व्यवस्था के नाम न ही वन-वे न ही नियम न ही कानून का पालन होता है। बस  जी  ारकर नेताजी की कृपा बटोरी जाती रहती है।
अतिरिक्त वेट वापस लेने गुहार
सागर। मप्र बीड़ी उद्योग संघ ने मु यमंत्री से तेंदुपत्ता ााड़े पर अतिरिक्त वेट वापस लेने गुहार लगाई थी। लेकिन आज तक उन्होंने कोई फैसला नहीं लिया। जिससे व्यापारियों का असंतोष बढ़ रहा है। इसी प्रकार ट्रक ट्रासंपोर्ट मालिक एसोसिएशन ने प्र ाारी मंत्री राघवजी से मिलकर ट्रक ढुलाई ााड़े पर वेट का विरोध दर्ज कराया है।  बीड़ी उद्योग संघ और ट्रक ट्रासपोर्ट एसोसिएशन को प ाारी मंत्री ने  कोई आश्वासन नहीं दिया है। दोनों संगठनों ने टैक्स वापस नहीं लेने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि वेट अधिनियम में संशोधन करके नई धारा ९-ग (९-सी) जोड़ी गई। जिसके कारण बीड़ी उद्योग पर संकट गहराया है। इस नई धारा के अनुसार सड़क मार्ग से तेदुंपत्ता का परिवहन किया जाएगा तो ााड़े पर अतिरिक्त २५ प्रतिशत कर देना होगा। संघ अध्यक्ष डॉ. श्रीमती मीना पिंपलापुरे, उपाध्यक्ष डॉ. जीवन लाल जैन, कोषाध्यक्ष अरविंद ााई पटैल, सु ानंदन जैन, विधायक शैलेन्द्र जैन, पूर्व विधायक सुनील जैन, अनूप जैन, स्वेदेश जैन, अनिरूद्घ पिंपलापुरे, देवी प्रसाद  दुबे, रामवतार पांडेय, वीरेन्द्र जैन, महेन्द्र ााई,सुमन ााई पटेल आदि ने प्र ाारी मंत्री राघवजी को अपनी कठिनाईयों की जानकारी दी। साथ ही इसे वापस लेने की मांग की है। संघ की राय है कि ााड़ेश् पर कर के ाुगतान की जि मेदारी परिवहनकर्ता की है। लेकिन बीड़ी निर्माताओं पर कर का बोझ बढेगा। जिससे निर्माण की लागत बढ़ेगी और उद्योग प्र ाावित होगा। दूसरी ओर परिवहनकर्ता से १२.३६ प्रतिशत टेक्स लिया जा रहा है। बीड़ी निर्माताओं और डीलरों से ाी २५ प्रतिशत तेंदुपत्ता क्रय पर अतिरिक्त  टेक्स वसूला जाएगा। इस प्रकार वेट में संशोधन से व्यापारियों पर दोहरी मार पड़ रही है। कर के ऊपर कर लगाने से उद्योग को सरकार संकट में फंसा रही है।
ढुलाई कर देंगे बंद
 ट्रक टांसपोर्ट मालिक एसोसिशएन ने प्र ाारी मंत्री से कहा है कि यदि ढुलाई पर टेक्स वापस नहीं लिया तब वे उन वस्तुओं की ढुलाई बंद कर देंगे। जिन पर कर लगाया है। अध्यक्ष नरेन्द्र पाल सिंह के अनुसार ट्रकों से ढुलने वाले तेंदुपत्ता सीमेंट किलिंकर पर प्रदेश सरकार ने वेट लगाया है। जबकि ाारत सरकार सहित अन्य प्रांतों में यह टैक्स लागू नहीं है। एसोसिएशन का तर्क है कि ढुलाई में किसी प्रकार की ारीद ब्रिकी नहीं होती है। यह तो ट्रांसपोर्टर्स की मजदूरी है इसलिए टैक्स लगाना उन्होंने अनुचित ठहराया है। इसके अलावा ट्रक वाले पहले से ही डीजल, आयल, मोटर पाट्र्स, टायर, चेचिस ग्रीस, त्रिपाल आदि पर वेट दे रहे हैं। यही नहीं इसे देना ाी जटिल प्रक्रिया है। इसलिए वित्तमंत्री से इस कर को वापस लेने की मांग की है।
संशोधन पर प्रश्नचिन्ह
 जानकारों के अनुसार ााजपा सरकार व्यापारियों को वेट के नाम पर जबरन परेशान कर रही है। प्रदेश सरकार को मालूम है कि जल्द ही वेट के स्थान पर एक रूप नया कर प्रावधान जीएसटी लागू होगा। ऐसे में वेट को ाारत सरकार सहित स ाी प्रांत इस कर को हटा लेगी। इसलिए सरकार की मंशा है कि व्यापारियों के समूह को पहले नाराज कर दो फिर टैक्स वापस लेकर ाुश करके अपना बना लो। इसके अलावा यह कहा जा रहा है कि मूल अधिनियम वेट का मसौदा केन्द्र सरकार ने बनाकर सदनों में पारित किया था। राज्य सरकारों ने इसे लागू किया था। इसके बाद यदि जरूरी संशोधन करना हो तो प्रक्रिया यह है कि अधिनियम में मौजूद धारा की मूल ाावना का लोप नहीं होना चाहिए। इसका मतलब यह है कि संशोधन ऐसा होगा जो निर्धारित धारा के समान अर्थ में ही परिवर्तन स्वीकार्य होगा। लेकिन ााजपा की सरकार ने तो मूल अधिनियम की धारा ९- ा के बाद नई धारा ९-ग(९-सी) जोड़ी है। जो किसी ाी प्रकार से मान्य नहीं हो सकती। व्यापारी वर्ग के मान मनौब्बत के नाम पर कर को वापस नहीं लिया जा रहा है।




Thursday, May 17, 2012

सागर तालाब बना जहरीला

मनोज शुक्ला

सागर।गर्मी और  प्रदूषण के कारण लाखा बंजारा झील में दो इंच से लेकर दो फिट तक की लाखों मछलियों की मौत हो गई।मत्स्य विभाग के भरत सिंह के अनुसार तालाब जहरीली गैसे बनती है ।चूँकि यहाँ पर अत्यधिक प्रदुषण है ध्इस तरह देखे तो कहा जा सकता है कि तालाब का पानी जहर बन चुका है ।मछलियों की बदबू से तालाब किनारे रहने वाले लोग व राहगीर परेशान रहे तो वहीं मौके पर पहुंचे निगमकर्मियों ने पाउडर छिड़काव कर झील से मछलियों को निकालकर अलग किया। प्रशासन की लापरवाही के चलते पिछले माह अप्रैल को भी लाखों मछलियों ने घुट-घुट कर दम तोड़ दिया था।तालाब का पानी प्रदुषित होने छोटी प्रजाति की चपटरा मछली से लेकर नगर निगम द्वारा छोड़ी गई,लाखों रुपए की ग्रास क्राप मछली भी मर गई। संजय ड्राइव के पास पेड़-पौधे व जलकुंभी चट करने वाली कई ग्रास क्राप मछलियां किनारे पर मरी हुई दिखाई दी। यह विदेशी प्रजाति की मछली कुछ समय पूर्व ही निगम प्रशासन ने तालाब में डाली थी, लेकिन निगम आयुक्त की जिद के कारण तालाब प्रदुषण मुक्त किये बगैर इस क्राप पर लाखों खर्ज करवा दिए ध्अपने कमीशन के चक्कर में  उनहोंने यह प्रजाति डलवाई थी ध्ऐसे आरोप पार्षदों ने लगाये हैं. ध्मरी हुई मछलियों में चपटरा, कतला सहित डेढ़ से दो किलों वजन तक की कई प्रजाति की मछलियां शामिल हैं।तालाब के तीन मढ़िया, चकराघाट, गऊघाट, गणेश घाट आदि मुख्य घाटों पर जहां छोटी-छोटी मछलियां तैरती हुई दिखाई दे रही थी तो वहीं संजय ड्राइव के पास दो फिट लंबी तक मछलियां मरी हुई तैर रही थी। करीब  6 ट्राली छोटी-बड़ी मछलियों की मौत हो गई। इसके बाद शाम करीब 5 बजे नगर निगम आयुक्त एवं मतत्स विभाग के अधिकारियों ने तालाब का निरीक्षण किया और मछलियों की मौत के संबंध में मतस्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। तालाब में मछलियों की बदबू से आसपास के रहवासी व व्यापारी भी परेशान हुए। विधायक शैलेन्द्र जैन ने निगमायुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि तालाब की जल्द ही सफाई की जावे और मृत मछलियों को सड़ने के पूर्वतालाब से निकालकर बाहर निकालें। उन्होंने  कहा कि हम मतस्य विभाग के माध्यम से इन मृत मछलियों का पोस्टमार्टम कराकर इनके मृत होने के कारणों की जांच कराकर इसकी रोकथाम के उपाए करेंगे ।  निगम आयुक्त एसबी सिंह ने कहा पानी में कार्बनडाई आक्साईड की मात्रा बढ़ जाती है और तालाब का पानी भी कम होने लगता है जिससे मछलियां दम तोड़ने लगती है। सागर की पहचान कहे जाने वाले लाखा बंजारा झील में फिर से कई क्विंटल मछलियां मर गईं। विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि सागर तालाब में एरियेटर लगाएंगे ताकि तालाब के पानी में आक्सीजन की कमी न हो सके। उन्होने कहा कि प्रयोग के रूप में अभी हम छोटे तालाब में एक एरियेटर लगायेगे। यदि यह सफल रहा तो बड़े तालाब में तीन से चार एरियेटर लगाये जावेगे।
पानी के साथ घुल रहा जहर
लाखा बंजारा झील में शहर के करीब आधा दर्जन बड़े नालों सहित कई दर्जनों छोटी नालियों के गंदे पानी के साथ-साथ अन्य जहरीली सामग्री भी सीधे तालाब में मिलकर तालाब के पानी को तेजी से प्रदुषित कर रही है।यदि जल्द ही इन नालों के गंदे पानी को झील में मिलने से नहीं रोका गया तो सागर की पहचान कही जाने वाली यह झील पानी की खराबी को लेकर पहचानी जाएगी और इसी तरह इसमें मछलियों सहित अन्य जानवरों की मौत का सिलसिला जारी रहेगा। ङष्ख१६ऋ्ीटा्रसागर। शहर की शान कही जाने वाली लाखा बंजारा झील में शहर के चारों ओर की बस्तियों का गंदा पानी नालों एवं छोटी नालियों के द्वारा सीधा तालाब में मिल रहा है।सागर लाखा बंजारा झील में शहर के करीब आधा दर्जन बड़े नालों सहित कई दर्जनों छोटी नालियों के गंदे पानी के साथ-साथ अन्य जहरीली सामग्री भी सीधे तालाब में मिलकर तालाब के पानी को तेजी से प्रदुषित कर रही है।यदि जल्द ही इन नालों के गंदे पानी को झील में मिलने से नहीं रोका गया तो सागर की पहचान कही जाने वाली यह झील पानी की खराबी को लेकर पहचानी जाएगी और इसी तरह इसमें मछलियों सहित अन्य जानवरों की मौत का सिलसिला जारी रहेगा।  नगर निगम में परकोटा, तिली मार्ग में बना नाला, बस स्टैण्ड, पुरव्याऊ आदि नाले दर्जैं जिनका गंदा पानी तालाब में आकर मिलता है जबकि छोटे-बड़े ऐसे और भी कईनाले एवं नालियां हैं जिनका गंदा पानी सीधे तालाब में मिलता है।नगर निगम के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीवेज के कारण अभी नालों को बंद नहीं किया गया है। जब सीवेज लाईन डलेगी तो नालों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।झील में कईवार्डों का गंदा पानी सीधा आकर मिल रहा है।इनमें तीन मढ़िया के पास भी एक नाला बना हुआ है जो परकोटा, शनीचरी व शुक्रवारी वार्ड के गंदे पानी को सीधा तालाब में छोड़ता है। यहां कईलोग बीढ़ी का निर्माण करते हैं तो कुछ मांस की दुकानें भी हैं और यह सभी खतरनाक चीजें नाले के माध्यम से सीधा तालाब में प्रवेश करती हैं जिससे पानी प्रदुषित हो रहा है।बस स्टैण्ड व जैन हाई स्कूल का नाला पॉलीथिन से अटा पड़ा है।इसके अलावा यहां कई होटलें भी खुली हुईं हैं और यहां से निकलने वाली गंदगी भी सीधे तालाब में जाकर मिलती है। यहां के नालों में पॉलीथिन मिली होने के कारण यह पानी को नुकसान पहुंचा रही है।तिली रोडमें बने नाले से कई वार्डों का गंदा पानी सीधे तालाब में मिलता है। यहां कुछ अस्पताल होने के कारण के कारण यहां से निकलने वाली जहरीली सामग्री भी चोरी-छिपे तालाब में ही ठिकाने लगा दी जाती है जो पानी को तेजी से प्रदुषित कर रही है।यहां कुछ शादी घर भी बने हुए हैं जिनसे निकलने वाला जूठन व अन्य कचरा मैरिज गार्डन संचालक तालाब किनारे या फिर सीधा तालाब में फेंक देते हैं जिससे पानी खराब हो रहा है। पुरव्याऊ क्षेत्र में बना हुआ नाला बड़ी मात्रा में गंदा पानी तालाब में छोड़ता है।इसके अलावा यहां चलने वाली कईहोटलों व मकानों का पानी भी सीधा तालाब में मिलता है। पुरव्याऊ क्षेत्र में कुछ लोग अपने मकानों के टैंक का गंदा पानी सीधा तालाब में ही छोड़ते हैं जिससे पानी दूषित होता है।

वास्तविक किसान का गेहूं खरीदा
 जायेगाःभार्गव
सागर ।प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार किसानों से गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त 100 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देकर जिले में की जा रही है । जिले में गेहूं उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से की जा रही गेहूं उपार्जन की प्रगति और गेहूं खरीदी में आने वाली समस्याओं के निपटारे के लिये सागर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई । जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गेहूं उपार्जन कार्य को और सुगम बनाये के संबंध में विचार विमर्श कर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये । स्थानीय कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष हरवंशसिंह राठौर, म.प्र. महिला एवं वित्त विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती सुधा जैन, म.प्र. राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष नारायण कबीरपंथी, विधायक प्रदीप लारिया, भानू राणा व डा. श्रीमती विनोद पंथी, कलेक्टर डा.ई.रमेश कुमार, सहाकारिता, कार्पोरेटिव बैंक, म.प्र.वेयर हाउसिंग और खाद्य आदि संबंधित विभाग के अधिकारियों की मौजदूगी में बुधवार को संपन्न बैठक में पंचायत मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि जिले के उपार्जन केन्द्रों में जहां वारदाने की कमी है उसकी पूर्ति के लिये कल तक यहां एक वारदाने की रैक पहुंच जायेगी । आवश्यकतानुसार कलेक्टर के निर्देशन में वारदाने भी संबंधित केन्द्रों में भेजे जायेगे । इसके अतिरिक्त यदि किसान स्वयं भी अपने वारदाने के साथ गेहूं लायेगा तो वह भी उपार्जन केन्द्र में खरीदा जायेगा । यदि केन्द्र में सिलाई मशीन खराब होने का अथवा धागा टूटने की शिकायत मिलती है तो उसके समाधान के लिये राज्य स्तर से सरकार ने हाथ से वारदाने की सिलाई करने के नवीन निर्देश भी जारी किये जा रहे है । श्री भार्गव ने कहा कि सभी सरकारी अमले के साथ जनप्रतिनिधियों को भी किसानो को प्रोत्साहित करना चाहिये कि किसान जब उपार्जन केन्द्रो में गेहूं बचने आते है तो वे अपने साथ सोसायटी से खाद व बीज का अग्रिम उठाव भी कर लें । इस हेतु किसानो को अभी से ब्याज नही देना होगा बल्कि ब्याज जून माह से ही लिया जायेगा । पंचायत मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि सभी मिलकर किसानो को समझायें कि सरकार हर वास्तविक किसान से गेहूं की खरीदी जरूर करेगी ।बैठक में कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में आज दिनांक तक 1 लाख 55 हजार 275 मे.टन गेहूं 26718 किसानो से उपार्जित कर लिया है और 24095 किसानो को 183 करोड रूपये का भुगतान किया जा चुका है । जबकि गत वर्ष आज दिनांक तक मात्र 81 मे. टन गेहूं खरीद हुई थी इस प्रकार इस वर्ष अब तक दुगनी खरीदी हो गई है । जिले में 3500 से 4000 तक प्रतिदिन खरीदी हो रही है और 31 मई तक जिले में 2 लाख मे. टन गेहूं खरीदी का अनुमान है । जिले में स्थित गोदामों के अलावा अस्थाई केप भी बन रहे है ताकि 2 लाख मे. टन गेहूं की भण्डारण क्षमता विकसित की जा सके । कल तक सागर में वारदाने की रैक आने के बाद आगामी एक सप्ताह तक वारदानें की कमी नही रहेेगी ।
पार्षद के आवारा पशु को
 नहीं छोडा आयुक्त ने
सागर ।नगर निगम ने डेयरी विस्थापन के पहले आवारा पशुओं को पकडने का अभियान शुरू किया है। पहले दिन ही इस मुहिम की हवा निकल गई। हालंाकि अभियान के तहत एक पार्षद की गाय भी पकड़ी गई। उन्होंने निगम आयुक्त एसबी सिंह से गाय को जुर्माना लेकर छोडने की गुहार लगाई, लेकिन वे नहीं माने। नगर निगम का अमला दर्जन भर ही पशुओं को ही पकड़ पाया। कटरा तीनबत्ती, गुजराती बाजार, नमकमंडी, विजय टाकीज चैराहे के आसपास से आवारा पशु पकड़े गए। पशुओं ने उन्हें खूब छकाया, किसी ने पूछ तो किसी ने सींग पकड़े तब जाकर गाय-बैल काबू में आए। पकड़े गए पशुओं को वाहन पर चढ़ाना कठिन था। पार्षद की गाय भी पकड़ी

माल गोदाम शिफ्टिंग मामले में 



स्टेशन प्रबंधक की भूमिका है संधिग्ध  
सागर ।भगवानगंज इलाके में रेलवे माल गोदाम की शिफ्टिंग का मामला दो साल से अटका हुआ है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग एक करोड़ रुपए आवंटित हुए थे, लेकिन वह लैप्स हो गए या कहीं और खर्च कर दिए गए,।स्टेशन प्रबंधक एमआर मीना की भूमिका इस मामले में संधिग्ध है । विभागीय अधिकारियों ने नरयावली के बाद लिधोरा रेलवे स्टेशन के पास जगह का निरीक्षण भी किया था। इसके बाद यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई। डीआरएम अनिल चंद गुप्ता ने इस मामले  में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। रेलवे ने माल गोदाम के लिए पहले नरयावली को चुना था, लेकिन इसके लिए व्यवसायी राजी नहीं हुए और विरोध शुरु हो गया था। इसके बाद लिधोरा में सर्वे किया गया। अधिकारियों ने सर्वे रिपोर्ट पर हामी भी भर दी थी। सब कुछ ठीक था, सिर्फ एप्रोच रोड तैयार कर जमीन का समतलीकरण किया जाना चाहिए था, लेकिन डीआरएम के जाते ही अधिकारियों का नजरिया बदल गया और माल गोदाम के मामले में चुप्पी साध ली।वैसे भी माल गोदाम काफी जर्जर हो चुका है। इसकी मरम्मत के लिए लाखों रुपए की जरूरत होगी, इससे बेहतर है कि माल गोदाम की मरम्मत के बजाय बाहर शिफ्ट कर देना चाहिए। माल गोदाम के ऊपर लगे टीनशेड इतने क्षतिग्रस्त हो चुके हैं कि बारिश में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ा के पास भी नहीं है।
शौक पूरा करने दे रहे थे
 वारदातों को अंजाम 
सागर। शहर व आसपास के इलाकों में 24 घंटे के दौरान लूट व डकैती डालने वाले पांच बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें तीन आरोपी सेना, दूरसंचार व बीमा कंपनी में पदस्थ अधिकारियों के बेटे हैं। बदमाशों की यह गैंग महंगी बाइक, शराब, सिगरेट व पहनावे का शौक पूरा करने के लिए वारदातों को अंजाम दे रही थी। उनसे धारदार हथियार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने लूट व डकैती की वारदातों का खुलासा करते हुए बताया कि सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे दो पल्सर बाइकों से आए पांच बदमाश राजघाट रोड स्थित डायमंड पेट्रोल पंप के कर्मचारी महेश जाट को चाकू मारकर रुपयों से भरा बैग छीनकर भागे थे। पुलिस ने विश्वविद्यालय पंप हाउस के पास घेराबंदी कर वारदात में प्रयुक्त बाइक व हुलिए के आधार पर तीन बदमाशों को पकड़ लिया। इसके बाद दो अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया। लूट व डकैती के मामले में आरोपी सलमान पिता इफ्तिखार खान निवासी कैंट, गुड्डा उर्फ अखिलेश पिता जीपी मिश्रा आनंद नगर, जयदीप पिता मुन्नालाल मिश्रा आनंद नगर, दीपेश पित दुर्गा प्रसाद रैकवार आनंद नगर तथा विक्की उर्फ विकास पिता अशोक मिश्रा निवासी बंडा को गिरफ्तार किया गया है। बदमाशों ने डकैती के पहले संजय ड्राइव पर सीजे कोर्ट के कर्मचारी विलास सुहाने व रतौना में सतपाल ठाकुर के पेट्रोल पंप पर लूट की वारदातें भी कबूल कर ली हैं। बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीम में गोपालगंज थाना प्रभारी अजय दुबे, मोतीनगर थाना प्रभारी जेबीएस कुशवाहा, सिविल लाइंस थाना प्रभारी केके मिश्रा, एसआई सुबोध मिश्रा, सीएसपी स्कवाड के लक्ष्मण दुबे, राजपाल, ब्रजेश आदि शामिल थे। पुलिस ने बदमाशों को हथियार बेचने वाले आरोपी मंगल केवट को भी सिविल लाइंस से गिरफ्तार कर लिया है। उससे छोटे-बड़े 16 बटनदार चाकू, खुखरी व बका आदि हथियार जब्त किए गए हैं। बदमाशों ने जिस चाकू से महेश पर हमला किया था, वह इसी से खरीदा गया था। सलमान के निवास से पांच बाइकों के अलावा वारदात में प्रयुक्तकाले रंग की दो पल्सर, विलास सुहाने से लूटा गया मोबाइल, पेन ड्राइव व नकदी भी आरोपियों से बरामद की गई है।
तीन साल में बंद हुए 
करीब 3 लाख लैंडलाइन कनेक्शन 
सागर प्रदेश के बीएसएनएल टेलीफोन सेवा उपभोक्ताओं ने बीते 3 साल में 2.93 लाख लैंड लाइन टेलीफोन कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जबकि बीएसएनएल कंपनी ने इस दौरान उनके रख-रखाव पर 126 करोड़ खर्च कर दिए। यह जानकारी सांसद भूपेंद्र सिंह ने लोकसभा में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री मिलिंद देवड़ा से मिले जवाब के हवाले से दी है। 2011-2012 में हुए सबसे ज्यादा घटे कनेक्शन रू सांसद श्री सिंह के मुताबिक साल 2011-2012 में सबसे अधिक कनेक्शन घटे हैं। इस अवधि में 134998 कनेक्शन कम हुए हैं। इससे पूर्व के वर्ष 2010 एवं 2009 में क्रमशरू 90753 व 67516 कनेक्शन कम हुए हैं, जबकि इन तीन साल में 126 करोड़ रुपए लैंडलाइन के रख-रखाव में खर्च किए गए हैं। सेवा में सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं रू सांसद श्री सिंह ने पूछा कि कनेक्शन घटने के दौरान सेवाओं में सुधार के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं। जवाब में श्री देवड़ा ने बताया कि केबल कट होने के मामलों में कमी लाने के लिए स्थानीय प्राधिकारियों के बीच समन्वय, आउटडोर नेटवर्क का सुधार व उन्नयन, भूमिगत केबल की मरम्मत एवं दोष रहित कंप्यूटरीकृत सेवा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी को इन कनेक्शनों की संख्या कम होने के कारण घाटा नहीं हुआ है। इसके लिए कई अन्य कारक उत्तरदायी हो सकते हैं।

Tuesday, March 6, 2012


  पुरखों की धरोहर संजोकर रखना बडी बात- भार्गव
गढाकोटा रहस लोकोत्सव का शुभारंभ
सागर ।जिले के गढाकोटा नगर में 208 वर्षो से लगने वाले रहस मेले को और अधिक विस्तारित एवं बहुआयामी बनाने के उद्देष्य से पाचं दिवसीय रहस लोकोत्सव का ष्षुभारंभ हुआ।पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने गणेश एवं मॉं सरस्वती की पूजन करके मेले का शुभारंभ किया । इस पांच दिवसीय बहुआयामी आयोजन का प्रथम दिवस गढाकोटा रहस लोकोत्सव के साथ स्पर्श अभियान के निःशक्त अंत्योदय मेले के रूप में आयोजित हुआ । जिसमें अनेक निःशक्तो को उनकी आवश्यकता के अनुसार आवश्यक सहायक उपकरण और कृत्रिम अंगों का वितरण किये गये । इसके साथ ही सागर जिले के स्थानीय कलाकारो और जिले के बाहर से आये लोक कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देकर दर्शको से खूब वाहवाही लूटी । उद्घाटन समारोह में पंचायत मंत्री ने कहा कि अपने पुरखों की विरासत को संजोकर रखना बढा काम है । अब हमने सबके प्रयासों से इसके उद्देष्य को और अधिक विस्तारित एवं बहुआयामी बनाने की कोशिश है । विगत दस वर्षो में इस मेले के माध्यम से लोगो को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है । इस वर्ष का आयोजन पांच दिनो का किया गया ताकि आम लोगो को ज्यादा से ज्यादा फायदा दिलाया जा सके । 
मनोरम प्रस्तुतियां 
गढाकोटा रहस लोकोत्सव मेले के प्रथम दिवस उज्जैन के नटराज सांस्कृतिक संगठन के कलाकार श्री गेहलोत और संगतकारो की प्रस्तुति को खूब सराहना मिली । जिसमें श्री गेहलोत ने अपने सिर पर सात कलश रखकर कृष्णलीला के कान ग्वाला नृत्य की प्रस्तुति दी । इसके साथ ही कर्रापुर के ख्यातिप्राप्त लोक कलाकार श्री चुन्नीलाल के ढिमरयाई नृत्य ने तो दर्शको को आनंद से ओत प्रोत कर दिया । पूर्व में सरस्वती कन्या शाला गढाकोटा की अतिथि शिक्षिकाओं ने बेलीपेस की संगत के साथ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और सरस्वती ज्ञान मंदिर गढाकोटा के नन्हें बच्चों ने वंदना के साथ आकर्षक नृत्य किया । समारोह में भोपाल के कोरका ग्रुप ने भी कब्बाली का गायन किया ।
स्पर्श  अभियान 
रहस लोकोत्सव के साथ निःशक्तो के समग्र पुर्नवास के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्पर्श अभियान के तहत निःशक्त अन्त्योदय मेला में लगाया गया जिसमें अनेक निःशक्त लाभांवित हुये । इस शिविर में चिकित्सको के दल ने स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी आवश्यकतानुसार आवश्यक सहायक उपकरण व कृत्रिम यंत्र देने का परामर्श दिये, जिसके अनुसार पात्र निःशक्तो को लाभांवित किया गया । साथ ही जिला पुर्नवास बोर्ड ने उपस्थित रहकर निःशक्तो को प्रमाण पत्र भी जारी किये ।शिविर में 219 निःशक्तो का नवीन पंजीयन किया गया जिसमें 157 अस्थि बाधित, 40 दृष्टि बाधित, 12 मंदबुद्धि विकलांग और 10 श्रवण बाधित शामिल है । जिन 137 निःशक्तो को प्रमाण पत्र वितरित किये गये उनमें मानसिक 73, विकलांगता के 55 निःशक्त, 24 दृष्टि बाधित और 58 अस्थि बाधित निःशक्त शामिल है । शिविर में सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग वितरण के क्रम में 6 निःशक्तो को ऋवण यंत्र, 71 को कैलिपर्स, 10 निःशक्तो को कृत्रिम हाथ और 13 निःशक्तो को कृत्रिम पैर मौके पर ही इन्दौर की संस्था की वर्कशाप ने बनाकर दिये ।

रहस मेला ई-पंचायत के शुभारंभ का साक्षी बना
मुख्यमंत्री ने सागर जिले की ढाना एवं पटनाबुजुर्ग 
सरपंचों से ऑन लाईन चर्चा की
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सागर जिले की रहली विधानसभा क्षेत्र के गढाकोटा नगर पंचायत क्षेत्र में रहस मेले में ई-पंचायत का शुभारंभ कर जिले की ढाना एवं पटनाबुजुर्ग के सरपंचों से ऑन लाईन चर्चा की । इस अवसर पर उन्होंने ई-पंचायत कैलेण्डर का विमोचन भी किया । सागर जिले का रहस मेला ई-पंचायत के शुभारंभ का साक्षी बना है ।कार्यक्रम में पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।मुख्यमंत्री ने सरपंचों से चर्चा करते हुए ग्राम पंचायतों को मिली राशि की जानकारी ली । उन्होंने ग्राम में बनने वाली सडको के प्रस्ताव की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास के तहत निर्माणाधीन कुटीरो की जानकारी ली । उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को ऑन-लाईन सुविधा मुहैया होने से सीधे संवाद करने में मदद मिलेगी । उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण तथा कृषि विभागों के मंत्री एवं अधिकारी तथा वे स्वयं भी पंचायतों से सीधे चर्चा करेंगे । सागर जिले का रहस मेला ई-पंचायत के शुभारंभ का साक्षी बना है ।  
22013 ग्राम पंचायते जुडेगी 
इस अवसर पर पंचाय मंत्री ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रो को पारदर्शी व्यवस्था देने हेतु महत्वाकांक्षी ई-पंचायत व्यवस्था मुख्यमंत्री के द्वारा शुभारंभ हुई । इस व्यवस्था से ग्राम पंचायतों के सचिवों को कम्प्यूटर संचालन हेतु दक्ष बनाने हेतु प्रशिक्षण दिया जायेगा । ग्राम पंचायतें स्वयं कम्प्यूटर क्रय कर सकेगी । उन्होंने बताया कि प्रदेश की समस्त 22 हजार 13 ग्राम पंचायतें सीधे-सीधे कम्प्यूटर से जुडेगी । जिससे आम ग्रामीणजन भी सीधे-सीधे मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर सकेंगे । उन्होंने कहा कि स्वच्छ पारदर्शी पहल के जरिये प्रदेश में नवीन क्रांतिकारी युग की शुरूआत हुई है जिससे समाज के कमजोर एवं पिछडे तबको के लोगो को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी । 
सुलभ होगी जानकारी
प्रदेश में शुरू हुई ई-पंचायत व्यवस्था ग्राम पंचायतों के लिए न सिर्फ बरदायी सिद्ध होगी वरन इसके जरिये सुशासन की पहल भी होगी । जिसके तहत सभी कार्यालयो की सेवाओं को ई-पंचायत से जोडा जाएगा आवश्यक जानकारी एवं सुविधा आम आदमी को न्यूनतम शुल्क पर मिलेगी । शासकीय धन के उपयोग की पारदर्शी  होगी तथा कराये जा रहे कार्यो पर निगरानी के साथ निरीक्षण हो सकेगा तथा सामाजिक अंकेक्षण होगा । इस व्यवस्था में कम्प्यूटरीकरण एवं अधोसंरचना की व्यवस्था बनेगी । प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ब्राडबैण्ड कनेक्टीविटी उपलब्ध होगी । मानव संसाधन एवं क्षमता का विकास होगा । प्रोजेक्ट एप्लीकेशन साफ्वेयर एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेण्ट का लाभ मिलेगा ।
8568 हितग्राही लाभांवित
रहस मेला गढाकोटा के अंत्योदय मेला में 8 हजार 568 हितग्राहियों को 5 करोड 13 लाख 70 हजार 314 रूपये की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित की गई । इस अवसर पर पंचायती राज सम्मेलन का आयोजन भी किया गया जिसमें क्षेत्र के सरपंच-पंच एवं जनप्रतिनिधियों ने बडी संख्या में भाग लिया ।

नृत्य को खूब सराहना मिली
लोकोत्सव के चौथे दिन शासकीय कला पथक दल सागर के कलाकारो ने देवीसिंह के नेतृत्व में कृष्ण भक्ति पर आधारित मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बनाये राधानी के भजन को सुन श्रोता मंत्र मुग्ध हो गये । इसके साथ ही दमोह की नन्ही बालिका कु0 शैजल पटैल ने मधुवन में राधिका नाचे रे, गीत पर एकल नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शको को हतप्रश किया और खूब वाहवाही लूटी । इस आयोजन की शुरूआत अनुकृति कला केन्द्र दमोह की गणेश वंदना से हुई । समारोह में लोक कला पथक दल के श्री राजेन्द्र दुबे के नेतृत्व में नशामुक्ति पर आधारित हास्य नाटिका महापाप, वंदना चौधरी दमोह ग्रुप की शिववंदना, एकता सोनी दमोह के शास्त्रीय नृत्य, राजीव दमयंती दमोह ग्रुप की बधाई, नुपुर लोक कला संस्था सागर के नौरता, डा0 अग्रवाल कला निकेतन ग्रुप के बुन्देली नृत्य, ओजस्वनी उत्कृष्टता संस्थान के बधाई सामूहिक नृत्य व सांवरिया म्युजिक ग्रुप के गायन की मनोरम व मधुर प्रस्तुतियांे पर दर्शको ने खूब तालियां बजाकर कलाकारों का प्रोत्साहन दिया । 
रहस लोकोत्सव का समापन
गढ़ाकोटा रहस लोकोत्सव का समापन टीकमगढ़ सहकारी बैंक के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। जिसमें अनेक सांस्कृतिक दलों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दी और अतिथि जनों ने कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया ।समापन समारोह में ग्राम संजरा के दोनो पैरों से विकलांग जगदीश पटेल ने अपने दोनों हाथों के बल पूरा शरीर चकरी की तरह चलाकर और एक लाठी पर मलखंब के करतब दिखाकर दर्शकों को हतप्रद कर दिया। इसी तरह सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं के आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति को खूब सराहना मिली। समारोह में जुम्मन चौधरी करैया , राजेश चौबे फूलर, रघुराज सिंह हनौतासागर, देवी सिंह राजपूत व कलापथक दल सागर लीलाधर रैकवार कर्रापुर और अनन्तपुरा ग्राम पंचायत के सोहनलाल रजक ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। 
बीडीए को मिली 1.15 करोड़ की राशि 
सागर । बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण सागर के अध्यक्ष उमेश शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष सागर में सम्पन्न बैठक में जारी वित्तीय वर्ष के चतुर्थ क्वार्टर हेतु प्राप्त 1.15 करोड़ 86 हजार की राशि से विकास मूलक कार्याे की स्वीकृति के प्रस्ताव तैयार करने हेतु सर्वानुमति से प्राधिकरण के अध्यक्ष को अधिकृत किया गया। बैठक में बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2011-12 में अभी तक स्वीकृत कार्य , पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यो की समीक्षा की गई। बैठक में विकास प्राधिकरण के पदाधिकारी एवं सदस्यों को अनुमोदित कार्यवाही विवरण , शासन को प्रेषित होने वाले प्रस्ताव सहित स्वीकृति आदेश की जानकारी सदस्यों को नियमित रूप से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 हेतु 10 करोड़ की कार्य योजना शासन को प्रेषित की गयी है। बैठक में कमिश्नर भी माथुर ने विकास प्राधिकरण के सदस्यों को विकास कार्यो को स्वीकृत कराने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया की जिला योजना से स्वीकृत प्रस्ताव राज्य शासन को भेजे जाते हैं और शासन से स्वीकृत प्रस्ताव प्राप्त होने पर  निर्माण कार्यो एवं हितग्राहियों को लाभांवित कराने की कार्यवाही सम्पन्न की जाती है। हितग्राही मूलक योजना के चयन के मापदंड तय हैं।  बैठक ें बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में बताया गया कि केन्द्रीय योजना एवं केन्द्रीय प्रायोजित योजना में वॉटर शेड मैनेजमेंट, जल संसाधन, पशुपालन, बन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, उद्यानिकी विभागों की गतिविधियों के लिए 1906.80 करोड़ तथा अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता हेतु 1943.20 करोड़ सहित 3850 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें से संबंधित जिलों को 892.30 करोड़ की राशि  वितरित की गई जिनमें से विकास मूलक एवं हितग्राही मूलक गतिविधियों में 584.93 करोड़ की राशि व्यय की गई। अनाज भंडारण हेतु गोडाउन बनने से 4 लाख मैट्रिक टन अनाज को सुरक्षित रखने की सुविधा मुहैया होगी। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 39 पैकेज के तहत 120 करोड़ लागत से स्टाप डेम निर्माण के 318 कार्य स्वीकृत हुए । 
विकास यात्रा का हुआ समापन
सागरा।विधान सभा क्षेत्र की विकास यात्रा का समापन विधायक षैलेन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चौहान के जन्म दिवस के अवसर पर मढ़िया विट्ठल नगर स्थित दलित बस्ती में भजन मंडलियों को वाद्य यंत्र एवं क्रिकेट किट सामग्री समेत तुलसीनगर एवं विट्ठल नगर को 12 लाख की सी.सी.रोडों की सौगात देते हुए किया। उन्होने आदिम जाति कल्याण विभाग से स्वीकृत 3 सी.सी.रोडो का भूमिपूजन एवं 2 सी.सी.रोडो का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विधायक षैलेन्द्र जैन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्त्ता आधारित पार्टी है और प्रत्येक कार्यकर्त्ता के बीच समायोजन के लिए एक दूसरे का परिचय होना अति आवष्यक है और भाजपा ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जिसमें सार्वजनिक कार्यक्रमों में निचले स्तर के कार्यकर्त्ता को लेकर सभी पदाधिकारियों का परिचय होता है ताकि सभी कार्यकर्त्ता एक दूसरे से परिचित हो सके। हमारा प्रयास है कि हमारे नगर में कोई भी क्षेत्र विकास से अछूता न रहे इसके लिए हम निरन्तर प्रयत्न षील है और जब भी अवसर प्राप्त होता है हम आपके बीच आकर आपकी समस्याओं को जानने का प्रयास करते है। कार्यक्रम में योगेष जैन, जगन्नाथ गुरैया, उपस्थित थे।

सीएम जन्मदिन पर 501 कन्याओं को भोज कराया
सागर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के  जन्म दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज सिंह द्वारा पहलवान बब्बा मंदिर परिसर में सुन्दरकांड एवं 501कन्याओं को भोज आयोजित किया गया। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा ऽी जिला अध्यक्ष श्री मती सरोज सिंह, साफिया खान, मांडवी रोहण, आशारानी यादव, प्रभा साहू, राधा साहू, आशा तिवारी, धनबाई, सायमीन बेगम, इन्द्रा ठाऽुर, सुवेदा ठाऽुर, संजना पंडा, सरिता सोनी, नत्थी, प्रेमबाई पटेल, अनीता साहू, शशि जैन, संगीता मानवारे, ममता नामदेव, ज्योति नामदेव, शुष्मा गुरूर्, ा शामिल थे। 
घायलों से मिले सांसद 
सागर। थाना बहरोल अन्तर्गत ग्राम उल्दन के पास पिकअप वाहन दुर्घटना में घायल लोगों से सांसद भूपेन्द्र सिंह ने जिला अस्पताल में मुलाकात की। श्री सिंह को घायलों ने बताया कि वे खुरई े पास ग्राम बेरी में दवाई पीने जा रहे थे। सांसद ने डाक्टरों से घायलों के उपचार संबंधी जानकारी ली।

Wednesday, February 8, 2012


 विकास यात्रा से जरूरी है सांसद ट्राफी 
सागर/ नगर निगम में महापौर के एम आई सी सदस्य आजकल बेकार हो गए है. यही वजह है कि वे सांसद ट्राफी के आयोजन में अपने आप को व्यस्त रखे है. जबकि सांसद के भाई की तेरहवीं ७फ़रवरी को हुई है. फिर भी ८ फरवरी से पार्षद राज बहादुर के संयोजन में ट्राफी शुरू कर दी गयी है.हालाँकि जिले भर में विकास यात्रायें चल रही हैं .जिनमें पार्षद रूचि नहीं ले रहे हैं. इस तरह वे मुख्यमंत्री की मंशा को तबज्जो नहीं दे रहे हैं .गौरतलब है कि विकास यात्रा के कारण ही नरयावली विधायक ने अपनी किर्केट स्पर्धा बीच में ही छोड़ दी है. 
कठपुतली 
कांग्रेस आन्दोलन कि वजाय सुचना देने का काम करने लगी है .सडको पर गद्दे है उन्हें ठीक कराने कि वजाय शहर अध्यक्ष रेखा चौधरी होर्डिंग लगाकर बचकर चले कि सलाह दे रही है .यही नहीं उन्हें सुरेश पचौरी के गुट ने अपनी कठपुतली बनाकर रखा है .इस तरह वे स्वतन्त्र रहकर काम नहीं कर पा रहीं है .फ़िलहाल उनके पास चुनाव जीतने कि कोई रणनीति नहीं है जबकि लम्बे अर्से से सागर सीट पर भाजपा का राज है ,ऐसे में सागर सीट को कांग्रेस कि छोली में उतरने कि कोशिशें नहीं हो रहीं है. 
नाजायज फायदा 
निगम आयुक्त महापौर कि अनुपस्थिति का नाजायज फायदा उठाने में लगें हैं .वे निगम जनसंपर्क के कर्मियों से मिलकर विज्ञापनों कि आड़ में कमीशन खा रहे है. साथ ही अपने चहेते ठेकेदारों को चुपचाप ठेका दिलाने में लगे हैं. जनसंपर्क शाखा इस काम को अमली जमा पहनाता है .वे विज्ञापन लगे अखवारों को मार्केट बिकने नहीं देते हैं .जिससे किसी को पता नहीं चलता है. इसके अलावा लोकल अखवारों को विज्ञापन देते हैं जो कभी कभार ही प्रकशित होते हैं .ऐसे अख़बारों नामांतरण जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं रहती हैं. 
संपत्ति कर में घपला      
निगम में ही एक और घपला स्वछता निरीक्षक के साथ मिलकर खेला जा रहा है. आयुक्त ने राजेश सिंह को संपत्ति अधिकारी बना दिया है जबकि वे स्वछता निरीक्षक के पद पर नियुक्त है,फ़िलहाल संपत्ति कर कि वसूली चल रही है .जिसमें आयुक्त को यह महाशय कर में छूट दिलाकर जेबें भरने में मदद कर रहे है.यही नहीं अपने ही चाचा कि आलीशान कमार्शियल बिल्डिंग पर मात्र १८० रूपये का संपत्ति कर लगाया है .दूसरी ओर अन्य उपभोक्ताओं से नियम विरुध्द ठग से वसूली हो रही है .
घर- घर दस्तक दे  रही है विकास यात्रा  
सागर । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के  नेतृत्व में भाजपा सरार द्वारा चलायी जा रही जन ल्याण ारी योजनाओं ा जायजा लेने हेतु ार्यर्ता घर-घर दस्तदे रहें है। ग्रामीणों से योजनाओं ी जानारी एवं समस्या से रूबरू हो रही। यात्राका  संचालन प्रवीण सोनी मडंल उपाध्यक्ष द्वारा िया जा रहा हैं। विास यात्रा १ फरवरी से वीरपुरा, •ंटगी, पनारी, चारटौरिया, समनापुर, सहित बिलहरा क्षेत्र ा भ्रमण िया जा रहा है। यात्रा २० फरवरी ो सम्पन्न होगी। यात्रा में विशेष सहयोग मनीष गुरू, माखन पटैल, संतोष पटेल, नवीन, मो.अंसार खॉ, रघुराज चारटौरिया, राजू पनारी, गोविन्द सिंह, नरेन्द्र तैलंग, राजेश घटी•, •मलेश तंतवाय, इमरत सिंह, रमेश घटी•, रवि लोधी, रामप्रताप हनौता, नंदू पटैल रहा 
 चुनावी कुकरमुत्तों से रहे बचकर क्षेत्रवासी 
सागर।भाजपा की विकास यात्रा आज दतपुरा खिरिया खबास पचारा होते हुए पिपरिया गोपाल पहंुची, यात्रा में जिला पंचायत उपाध्यक्ष और वि.स. प्रभारी लक्ष्मण सिंह लोधी समन्वयक साबिया खान संयोजक बसंत यादव न.पा. उपाध्यक्ष मनोज तिवारी भाजपा मंडलों के अध्यक्ष कार्यकर्ता युवा मोर्चा पदाधिकारी साथ चल रहे है। मंत्री निज सचिव के.के. खरे ने विजयपुरा और पंचारा में मंदिर निर्माण हेतु दो लाख सामुदायिक भवन हरिजन वार्ड एवं गांव में रह गई छोटी मोटी कुलियों हेतु पंचायत मंत्री के निर्देषानुसार क्रमषः 16-16 लाख रूपये मंजूर किये, ग्राम पिपरिया गोपाल में स्कूली छात्राओं ने मध्यप्रदेष गान गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विकास यात्रा में ग्राम के स्कूल प्रंागण में आयोजित जनसभा को जिला पंचायत कृषि सभापति सुरेष कपस्या ने कहा कि कुछ अवसरवादी लोग चुनाव के समय आकर समाज के लोगों को बहकाते है और जातिवाद की दुहाई देकर वोट मांगते है। जबकि उनका क्षेत्र के किसानों मजदूरों और समाज के लोगों के दुख दर्द से कोई सरोकार नही रहता है। क्षेत्र की जनता अब पूरे मन से पं. गोपाल भार्गव के साथ है जितना कार्य उन्होने समाज के लिये किये है वह अन्य कोई नही कर सकता। हम सभी पिपरिया गोपाल गांव के लोग आपके साथ है और अब हमारे समाज के समस्त विधान सभा के लोगों ने तय किया है। हमारे गांव में कोई समस्या नही है, और यहां तो बिन मांगे सब मिला है इसलिये हमने इसे पिपरिया गोपाल नाम दिया। कपस्या ने आगाह किया कि क्षेत्र में चुनाव के समय पनपने वाले चुनावी कुकरमुत्तो से क्षेत्र की जनता को बचना चाहिए, कार्यक्रम को युवा मोर्चा प्रदेष मंत्री अभिषेक भार्गव ने कोई दीवाना कहता है कविता के माध्यम से गोपाल भार्गव और जनता के जुड़ाव और विकास कार्यों की बात कही। संयोजक बसंत यादव ने संचालन किया तथा आभार उपाध्यक्ष मनोज तिवारी ने व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी विक्की जैन ने बताया कि यात्रा का अगला पड़ाव महुआ सेंमरा ताल सेंमरा खेैरा बलेह मोठार नायक पिपरिया डिगर्रा बिछिया और नरेटा होगा। यात्रा में अनिल पटैल राजकिषोर कुर्मी राजेष सदर सरपंच राजकुमार कुर्मी ने स्वागत किया बूठे पटैल कौषल कपस्या राजुल कुर्मी काषीराम कर्मी बंटी चौवे और ग्रामवासी उपस्थित थे। 
                       

Monday, February 6, 2012

 व्याधियों से बचाने में सक्षम है वनोपज
सागर। वन हमारे जीवन का आधार हैं। यही नहीं यहां पर पाई जाने वाली वनोपज जिंदगी को व्याधियों से बचाने में सक्षम है। वैसे ाी वर्तमान् युग हर्बल की ओर रू ा कर चुका है। चारों ओर हर्बल प्रोडक्ट्स की धूम है। चाय की पत्ती से लेकर आधुनिक प्रसाधन साम्रगी मेें हर्बल गुणों का ब ाान किया जा रहा है। जिससे साबित हो रहा है कि वनों के साथ-साथ वनोपज ाी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सागर के उत्तर और दक्षिण वन मंडल क्षेत्रों में स्वास्थ्य की समृद्घि और कायाकल्प करने वाली वनोपज का ांडार मौजूद है। ऐसा दावा उत्तर वनमंडल अधिकारी एससी सिंघल ने किया है। उन्होंने बताया कि वनोपज की बहुतायत को दे ाते हुए यहां बेल के प्रसंस्करण की स ाावनाएं मौजूद हैं। जिससे वन क्षेत्रों के निवासियों सहित गरीब आदिवासी समूहों को आजीविका का सहारा मिल सकेगा। पिछले दिनों वन क्षेत्र में उपलब्धता के आधार पर बेल का शरबत बनाने पर विचार विमर्श किया है। फलस्वरूप क्षेत्र में बेल से शरबत बनाने के लिए एक प्रोजेक्ट मप्र लघु वनोपज ाोपाल को मंजूरी के लिए ोजा है। मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। जिससे आजीविका चलाने में वनवासी सक्षम बन सकेंगे। वनोपज के संग्रहण और बाजार में व्यापारी धरम के चार-पांच गुना मुनाफा कमा रहे हैं। वनोपज की सरकारी दरें नाममात्र की है। लेकिन सागर शहरी क्षेत्र में दक्षिण वन मंडल क्षेत्र की लापरवाही ने व्यापारियों को फलने फलने के अवसर दिए हैं। यही नहीं इस वन मंडल क्षेत्र में पिछले दो तीन वर्षों से अवैध संग्रहण, विवणन से समिति से लेकर रेंजर और डीएफओ की जेबें ारी जा रही है। इसके बाद ाी दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में प्रतिवर्ष ला ाों की हेराफेरी को अनदे ाा किया जा रहा है। सर्वाधिक चोरी आंवला, महुआ, गुठली की हो रही है। इस अनदे ाी में जिला प्रशासन सहित तमाम संबंधित लोगों की हिस्सेदारी है। ऐसा वि ाागीय सूत्रों का दावा है।
 इतना ही नहीं बेल का गूदा, चूर्ण, शरबत, स ाी कुछ पेट रोगों से लड़ने में मददगार है। वर्तमान् में मधुमेह रोग   के कारण बच्चों से लेकर बड़े तक पीड़ित हैं। इस रोग से लड़ने में बेल सहित वनोपज में शामिल जामुन, गुडमार, जैसे प्रकृति प्रदत्त वरदान शामिल हैं। ाानपान की प्रवृत्ति दूषित होने के कारण लग ाग स ाी लोग पेट के रोगों के साथ अमीबाइसिस से अत्याधिक पीड़ित रहते हैं। इसमें ाी बेल के उत्पाद रामवाण इलाज है। इन्हीं अमृत समान गुणों की वजह से डीएफओ उत्तर वन मंडल ने प्रोजेक्ट बनवाया है। हालांकि बाजार में बेल का मुरब्बा ाी प्रचलन में है। लेकिन डीएफओ सिंघल की राय में मुरब्बा शरबत की तुलना में कारगार नहीं है।
इसके पीछे कारण है कि मुरब्बा में फंगल का संक्रमण हो जाता है। जो फायदे की जगह नुकसान कर सकता है। इसलिए शरबत, चूर्ण जैसे उत्पाद सुरक्षित हैं। उन्होंने सुझाव दिया है कि मुरब्बा ारीदते समय सावधानी बरतना चाहिए। प्रोजेक्ट मंजूरी के बाद बाकायदा समिति को पंजीकृत कराकर वनवासी क्षेत्र में शरबत की युनिट लगवाएंगे। इन्हें केवल वि ाागीय रूप से तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके अलावा उत्पाद के विपणन की व्यवस्थाएं ाी जुटाई जाएंगी। इसी प्रकार वन क्षेत्र में चिरोंटा वनोपज ाी बहुतायत में उपलब्ध है। इसकी उपयोगिता दवाईयों के अलावा एसेंस बनाने में है। इस वनोपज की ाी काफी डिमांड है। इसलिए निकट ाविष्य में इसके विपणन की ठोस रूपरे ाा बनाई है। जिसके तहत  ारीदरारों से अग्रिम एमओयू कराया जाएगा। जिससे वन वि ााग पूर्णत: सुरक्षित रहेगा। वर्ष २००६ के अनु ाव को दे ाते हुए यह फैसला लिया है।
वैसे सागर में हर्र, बहेड़ा, मुहआ, आचार, गुठली, आंवला जैसी वनोपज की अच्छी पैदावार है। पलाश ला ा, कुसुम ला ा का उत्पादन ाी क्षेत्र में हो रहा है।  जिन्हें शासन की निर्धारित दरों पर बेचने की व्यवस्था है। साथ ही सरकार की मंशा है कि गरीब आदिवासियों का शोषण नहीं हो। उत्तर वन मंडल में डीएफओ के अनुसार वर्ष २०१० के तेंदुुपत्ता संग्रहण के बोनस का वितरण पूरा हो चुका है। करीब दस ला ा से अधिक राशि इसमें बांटी गई है। कुल २२ समितियों तेंदुपत्ता का संग्रहण कराती है।  साथ ही २५,००० के लग ाग  संग्राहकों ने २३ हजार ४०० मानक बोरा का संग्रहण किया है। क्षेत्र के बांदरी, शाहगढ़ में सर्वाधिक तेंदुपत्ता पाया जाता है।

सब ने जाना 'रजत बूंदों का राज'
 सागर । मानव जीवन और जल एक दूसरे के पर्याय हैं। बिना जल जीवन की कल्पना भी व्यर्थ होगी। राजस्थान की मरूभूमि पर जल की एक बूंद भी अमृत तुल्य है। बस इन बूंदों को सहेजना भर है। जल विशेषज्ञ अनुपम मिश्र ने इन्हीं रजत बूंदों को सहेजने का राज बताया। मौका था बाबूराव पिंपलापुरे की स्मृति में हुई व्याख्यानमाला का। वेद पाठ से शुरू हुआ कार्यक्रम जैसे-जैसे आगे बढ़ा वैसे-वैसे आसमान से टपकती बूंदों से भरे तालाब की तरह रविन्द्र भवन भी धीरे-धीरे श्रोताओं से खचाखच भर गया। अतिथियों का स्वागत भवानी प्रसाद मिश्र और डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविताओं की पंक्तियों के साथ किया गया। श्री मिश्र ने बताया कि राजस्थान में बादलों को ४० नाम दिए हैं। कम बारिश के बाद भी यह समाज को पानी की रजत बूंदों को बढ़े जतन से सहेजता है। तालाब के इनके अपने सामाजिक नियम हैं। तालाब की सीमा से बाहर जूता उतारे जाते हैं। भराव के मैदानों को रोजाना साफ रखा जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि रेलवे का गेटमैन लाटूराम ने एक-एक पैसा एकत्रित कर जन सहयोग से टांका (कुंआ) बनवाया। जिसमें ७० हजार लीटर वर्षा जल आता है। पूरे राजस्थान में भू जल स्तर काफी नीचे है। अधिकांश जगह खारा पानी निकलता है। इस कारण पूरा सूबा वर्षा जल पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि पाक सीमा के पास रामगढ़ भारत का अंतिम गांव है। यहां घर बनाने से पहले टांका बनाया जाता है। जल स्त्रोतों के रख रखाव के लिए सरकार के निर्देश या बोर्ड नहीं लगे हैं। यहां सामाजिक परिवेश ऐसा है कि यह खुद स्त्रोतों की पीढ़ी दर पीढ़ी रखरखाव और देखभाल करते हैं। यहां के जल स्त्रोत सैकड़ों साल चलते हैं। पानी के लिए इनका अपना अनुशासन है। उन्होंने कहा कि टांका और तालाब राजस्थान की जीवन धारा है। जयगढ़ के किले के पास बने तालाब में तीन करोड़ लीटर पानी आता है। यह तालाब पौने चार सौ साल से आसपास के लोगों की प्यास बुझा रहा है। तालाबों की हिफाजत के लिए लगे स्तंभों को गोवर्धन कहा जाता है। उन्होंने कहा कि विश्व में तेजी से पीने के पानी की कमी हो रही है। अगर वर्षा जल का सही प्रबंध किया जाए तो पानी की किल्लत समाप्त हो जाएगी। तालाब बावड़ी हमारे बुजुर्गों की उद्म इंजीनियरिंग का नमूना है। इन लोगों ने अपने सहज ज्ञान से यह सीखा है।
विकलांगता से शीघ्र मिलेगी निजात
सागर। अखिल भारतीय अस्थि संघके तत्वावधान में शिशु अस्थि रोग एवं जन्मजात पैरों की विकलांगता पर राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन अस्थि रोग विविभाग बुंदेलखंडमेडीकल कॉलेज एवं सागर आर्थोपेडिक सोसायटी द्वारा किया गया।
कार्यशाला में विशेषज्ञ डॉ.डीके तनेजा, डॉ. विश्रा माधुरी,डॉ.एसबी शर्मा,सौरभ अग्रवाल,डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. अनूप मल्होत्रा,डॉ. जीएस व्यास,डॉ. जितेन शुक्ला, डॉ. अरूण मुखर्जी शामिल हुए। कार्यशाला के आयोजक अध्यक्ष एवं मेडीकल कॉलेज के डॉ. दिनेश सोनकर द्वारा दी गई। बीएमसी के डीन डॉ.एसएस मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में इस प्रकार की कार्यशाला हेतु भविष्य में भी पूर्ण सहयोग प्रदान करने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय संचालक डॉ. केके ताम्रकार ने उक्त सुविधा ग्रामीणस्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से संभाग के सभी शासकीय अस्थि रोग चिकित्सकों की उपस्थिति इस कार्यशाला में सुनिश्चित कराई।
कार्यशाला में एक सत्र पर जन्मजात पैरों के टेड़ेपन पर अस्थि रोग विशेषज्ञों द्वारा सूक्ष्म तरीके से जानकारी दी गई। यह जानकारी डॉ.जीएस चौबे ने दी। इस कार्यशाला में उपस्थित हुए हड्डी रोग डॉक्टरों के प्रशिक्षित होने से इसका लाभ छोटे शहर एवं कस्बों के मरीजों को मिलेगा। कार्यशाला के कॉर्डीनेटर डॉ. आलोक अग्रवाल द्वारा बताया गया कि इस नयी विधि से पैरों का टेड़ापन जल्दी और कम खर्चे तथा बगैर आपरेशन के ही ठीक हो जाता है। सचिव मनीषझा ने बताया कि कार्यशाला से अस्थित रोग डॉक्टरों को लाभ होगा। संचालन डॉ.अरूणसराफने किया। आयोजन समिति के सदस्य डॉ. सत्यपाल जैन,डॉ.आरके खरे,डॉ.अखिलेशजैन द्वारा इस कार्यशाला में महती भूमिका निभाईगई।
कार्यशाला में आईएमए के पूर्व प्रांताध्यक्ष डॉ.जीवन लाल जैन,डॉ.एसएम सिरोठिया,डॉ.एनपी शर्मा सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे। कार्यशाला में इस विधि का प्रयोग मरीजों एवं मॉडलो पर किया गया। इस विधि से इलाज के लिएविशेष क्लीनिक प्रति मंगलवार को बुंदेलखंडचिकित्सा महाविद्यालय में संचालित की जाती है।

 नाम किए जायेंगे सार्वजनिक
सागर/ नगर निगम आधिपत्य की राजीव नगर कालौनी खांडेकर काम्पलैक्स एवं बसुंधरा काम्पलैक्स के बकायादारों द्वारा नगर निगम की भू-भाटक राशि जमा न करने पर उनके नाम समाचार पत्रों में सार्वजनिक रूप से प्रकाशित  किए जाऐंगे।आयुक्त सूर्यभान सिंह ने उपायुक्त बीएसचौहान संपत्ति अधिकारी राजेश  सिंह व राजस्व अधिकारी बृजेश  तिवारी को सख्त निर्देष देते हुए कहा है कि निगम की बकाया राशि एक सप्ताह के अंदर बकायादारों से जमा कराऐं तथा उनके नाम समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएँ । अन्यथा आप लोगों के विरूद्ध अनुशा  सनात्मक कार्यवाही की जावेगी।संपत्ति अधिकारी राजेश  सिंह ने बताया कि निगम की राजीव नगर खांडेकर काम्पलैक्स एवं बसुंधरा काम्पलैक्स के लगभग 350 बकायादारों को भू-भाटक जमा करने हेतु नोटिस जारी किए जा चुके है। एक सप्ताह के अंदर राशि जमा न करने वालों के विरूद्ध भवन एवं प्लाट के निरस्तिकरण की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जावेगी।नगर निगम आधिपत्य की दुकानों का किराया जमा न करने वाले दुकानदारों के विरूद्ध राजस्व विभाग अतिक्रमण शाखा  और बाजार विभाग द्वारा  कुल 6 लाख25 हजार रूपये की बकाया बसूली की गई।

 सांसद ट्राफी का आयोजन 8 से

सागर /सांसद ट्राफी कास्को बाल क्रिकेट टूर्नामेंट  का आयोजन 4 फरवरी से आयोजित होगा। सांसद ट्राफी के आयोजन के संबंध में लोककर्म सभापति राज बहादुर सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन खेल प्रतिभाओं को उभारने एवं उत्साहवर्धन हेतु सांसद ट्राफी कास्को बाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है  जिसमें सागर संसदीय क्षेत्र के क्रिकेट टीमों को आमंत्रित किया गया है इच्छुक टीमें दिनांक 08 फरवरी से 19 फरवरी 2012 तक आयोजित होना है। सांसद ट्राफी का आयोजन खेल परिसर एवं नगर निगम स्टेडियम दो स्थानों पर किया जावेगा। इसी तारतम्य में आयोजन समिति ने खेल परिसर का निरीक्षण किया एवं मैदान का जायजा लिया।    राज बहादुर सिंह ने बताया कि सागर संसदीय क्षेत्र 8 विधान सभा की 64 टीमों द्वारा प्रतियोगिता में भाग लिया जा रहा है। सांसद ट्राफी के आयोजन का उद्देष्य सागर संसदीय क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने एवं श्रेप्ठ खिलाड़ियों आगे बढ़ाने हेतु एक बढ़े स्तर पर कास्को बाल क्रिकेट टूरनामेंट का आयोजन किया जा रहा है। पिछले कई वर्पों से सागर संसदीय क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का प्रयास किया गया है एवं सागर के क्रिकेट से लगाव रखने एवं श्रेप्ठ प्रदर्षन करने वाले खिलाड़ियों को उत्कृप्ट मंच प्रदान कराने में महती भूमिका अदा की है।निरीक्षण के दौरान राज बहादुर सिंह लक्षमण सिंह नईम खान राजेष पंडत राज कुमार नामदेव मिलिंद देउस्कर एवं आयोजन समिति केअन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

Friday, February 3, 2012


विकास यात्रा तो बहाना है, आपसे मिलने आपके पास आना हैः भार्गव

सागर ।पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव अपने क्षेत्र के ग्रामों में भ्रमण कर ग्रामीणजनों से भेंट कर उनके दुख सुख बांटने एक फरवरी से विकास यात्रा कर रहे है । हर ग्राम में एक-एक सी.सी.रोड निर्माण के लिये भूमिपूजन कर आधारषिला रखी ।पंचायत मंत्री ने ग्राम नयाखेरा, रंगोली, गिरवर, भैसवाई, खिरियाखुर्द, सलैया और हिलगन ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणजनो से भेंट की । उन्होंने ग्रामीणजनो से कहा कि मैं तो ऐसा मंत्री हूं जो सबसे ज्यादा अपने क्षेत्र में ही रहता हूं और ग्रामीणो के सुख दुख, शादी व्याह, मृत्यु एवं हर मौके पर उपस्थित रहता हूं । यह विकास यात्रा तो मात्र एक बहाना है जिसके माध्यम से मैं आप लोगो से मिलने अपने गांव में आपके पास आया हूं । उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोग भली भांति जानते है कि मैने विगत वर्षो में इस क्षेत्र में सडको का जाल बिछाने, स्कूल भवनो को स्वीकृत कराने, पुल-पुलियो, सामुदायिक भवनों, स्टापडेमा, बांधो, प्रतीक्षालय और श्मसानघाट विकसित करने जैसे अनेक काम कराये है । मै इस कार्यो की उपलब्धियां बताने यहां नही आया हूं बल्कि ग्रामीणजन यहबतायें कि उनके कौन से काम करना शेष है । आपने कहा कि मै इस क्षेत्र के लिये परिवार की सदस्य की तरह हूं और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी का ऋण अदा करने यहां उपस्थित हूं ।भार्गव ने ग्रामीणों से यह भी अपेक्षा की कि वे अपनी बेटियो को बेटो की तरह समझे उन्हें गर्भ में मारने का पाप न करें ।
लक्ष्य दम्पत्ति को प्रेरित करने पर जोर

सागर . कलेक्टर सागर डा.ई.रमेष कुमार ने जिले में परिवार कल्याण के निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु मैदानी अमलो से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा की । उन्होंने मैदानी अमलो को लक्ष्य दम्पत्ति को नसबन्दी कराने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया साथ ही लक्ष्यापूर्ति के लिये तय रणनीति के अनुसार कार्य करने की हिदायत दी । बैठक में सी.ई.ओ. जिला पंचायत नन्दकुमारन वनमण्डलाधिकारी एस.के.शर्मा, एम.सी.सिंघल और जे. देवप्रसाद, जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. साहू, सिविल सर्जन डा.बी.के.मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास सहित मैदानीचंलो के सी.एम.ओ. जनपदो के सी.ई.ओ. तथा बी.आर.सी. उपस्थित थे । कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र सहित पंचायतवार चिंहित कुल लक्ष्य दम्पत्ति की समीक्षा करते हुए नसबंदी कराने से शेष रहे लक्ष्य दम्पत्ति को आपरेशन हेतु प्रोत्साहित करने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि लक्ष्यापूर्ति के लिए प्रत्येक लक्ष्य दम्पत्ति को प्रोत्साहित करे इस हेतु मैदानीचंलो में कर्मचारी वार लक्ष्य दम्पत्ति की जबावदेही सुनिश्चित हो ।उन्होंने साफ किया कि चिंहित लक्ष्य दम्पत्ति को प्रेरित कर नसबंदी कराने के लिए किस कर्मचारी की जिम्मेदारी है यह सूचीबद्ध किया जाए । उन्होंने ब्लाकवार शेष रहे नसबंदी प्रकरणों तथा कर्मचारियों की उपलब्धता की भी समीक्षा की । उन्होंने कहा कि जिले के सेवा भावी नागरिक एवं स्वैच्छिक संगठनो के ऐसे व्यक्ति जो स्वेच्छा से चिंहित लक्ष्य दम्पत्ति को आपरेशन कराने के लिए प्रेरित कर सकते है उनका सहयोग लिया जाए । बैठक में बताया गया कि जारी फरवरी माह में नसबंदी के लिए 10 एवं 11, 17 एवं 18 एवं 24 और 25 को सागर जिले में एक साथ कमिशनर प्रतिष्ठा शिविर लगाएं जाएंगे । इन शिविरों में जिले के लगभग 8500 कर्मचारी लक्ष्य दम्पत्ति के अनुसार शिविरो में हितग्राहियों को नसबंदी हेतु प्रेरित करेंगे । प्रत्येक कर्मचारी को न्यूनतम तीन नसबंदी केस कराने का लक्ष्य दिया गया ।
कमिशनर  ने किया फाडर बैंक का अवलोकन 

सागर ।कमिशनर सागर  आर.के.माथुर ने बुन्द्रेलखण्ड विषेष पैकेज के तहत ग्राम रतैना के फाडर बैक तथा पषु प्रजनन केन्द्र पर संचालित गतिविधियों एवं नवनिर्मित पषु शाला का निरीक्षण किया । आपके साथ उपायुक्त विकास डा.राजेश राय, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें सागर संभाग सागर डा.जी.एस.डाबर एवं शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र रतौना के प्रबंधक डा.आर.के.मिश्रा उपस्थित थें । कमिश्नर ने पशु चारा एवं भूसा क्रय कर भण्डारण प्रक्रिया शीध्र पूर्ण करने के निर्देश दिए । उन्होंने बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज के तहत हरियाणा एवं पंजाब राज्य से लाये गये मुर्रा पाडों के रखरखाव, प्रबंधन (रेयरिंग) व्यवस्था का अवलोकन किया तथा पशुओं के प्रबंधन में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिये । कमिश्नर ने प्रक्षेत्र के सुदृढीकरण एवं प्रक्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं की कार्य योजना बनाने पर जोर दिया तथा प्रक्षेत्र पर गोबर गैंस बर्मी कम्पोस्ट गतिविधियों को संचालित करने के निर्देश भी दिए । उन्होंने कहा कि प्रक्षेत्र को आदर्श प्रक्षेत्र बनाया जावें ताकि पशु पालकों को प्रक्षेत्र पर संचालित गतिविधियों का निरीक्षण कराया जा सकें तथा पशु पालकों को दक्ष बनाने प्रशिक्षण दिलाने और पशुपालन के प्रति प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए ।
 पूर्व सैनिक करते थे चोरी 

सागर।जीआरपी पुलिस ने एक चोर गिरोह से बड़ी मात्रा में माल बरामद किया है। आरोपी सेना के कर्मचारी रहे हैं जिनके पास से पुलिस ने करीब ३२ सूटकेस सहित बड़ी मात्रा में सोना-चांदी, मोबाइल सहित १५ हजार नकद सहित अन्य माल बरामद किया है। आरोपियों के पास से जब्त माल की कीमत करीब ७ लाख रुपए आंकी जा रही है। जीआरपी थाना प्रभारी एलके कश्यप ने बताया कि यूपी के गाजीपुर निवासी आरोपी हृदय नारायण चौबे सेना में सेवा निवृत्त कर्मचारी है, जबकि दूसरा आरोपी सागिरे आलम खान भरेह चौराहा देवरिया का निवासी है जो सेना से भगोड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के साथ हृदयनारायण की पत्नी आशा चौबे को भी गिरफ्तार किया है।श्री कश्यप ने बताया कि आरोपी मकरोनिया रेलवे स्टेशन पर घूम रहे थे तभी वहां तैनात जीआरपी के जवान को संदेह हुआ और जब उसने आरोपी को रुकने का बोला तो वह तेजी से भागने लगा। इसके बाद जब पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा और पूछताछ की जिसमें उनसे सूटकेस की चॉबी मांगी तो उनके पास चॉबी नहीं थी और उन्होंने स्वीकार करते हुए बताया कि यह चोरी के हैं। सख्ती से पूछतांछ करने पर आरोपियों के मकरोनिया लक्ष्मीनगर स्थित मकान से चोरी का अन्य माल बरामद हुआ।जीआरपी पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के १० सूटकेस, १४ ट्राली बैग और ८ छोटे बैग सहित बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर, ७ कीमती मोबाईल और १५ हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा कीमती बैगों में अच्छी किस्म के महंगे कपड़े भी बरामद हुए हैं। जीआरपी पुलिस के अनुमान के मुताबिक जब्त किए गए कुल माल की कीमत करीब ६ से ७ लाख रुपए हो सकती हैजीआरपी थाना प्रभारी श्री कश्यप ने बताया कि आरोपी पिछले एक साल से यहां सक्रिय थे जिन्होंने करीब चार चोरियां भी स्वीकार कर ली है। विवेचना के दौरान आरोपियों ने बताया है कि वह चोरी के दौरान एसी, स्लीपर और जनरल के टिकट खरीदते थे। ट्रेन की जिस बोगी में उन्हें मौका मिलता था वह यात्रियों का माल गायब कर देते थे। उक्त आरोपी जबलपुर और भोपाल के बीच अधिकांशतः चोरियों को अंजाम देते थे।
हिरण का शिकार, दो आरोपियों को जेल भेजा
सागर  दक्षिण वन मंडल के कनेरा बीट क्षेत्र के खेत में घुसे एक हिरण का शिकार कर लिया गया। मोतीनगर पुलिस ने दो आरोपियों से हिरण का सिर, एक पैर, तीन खुर सहित ६ किलो मांस जब्त कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। वन विभाग को वन्य प्राणी के शिकार की भनक भी नहीं लग पाई थी।पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि धर्मश्री स्थित बीजासेन मंदिर के पीछे वाले खेत में एक हिरण का शिकार हुआ है। एसआई एमके वर्मा ने पुलिस टीम के साथ खेत पर दबिश दी। वहां चंद्रभान पटेल से हिरण का सिर व एक पैर बरामद किया, जबकि पास ही में रहने वाले साधुराम पटेल के घर से हिरण की खाल, तीन खुर व मांस के अलावा कुल्हाड़ी, बका व हंसिया जब्त किया गया। आरोपी चंद्रभान का कहना है कि खेत की फेंसिंग में फंसने के कारण हिरण की मौत हो गई थी। इसके बाद उसे काटा गया है।
वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसआई श्री वर्मा के अनुसार हिरण के सिर पर आगे की ओरदो इंच के दो तथा पीछे की तरफ डेढ़ इंच के दो सींग थे। सिर, पैर, खाल व मांस वन विभाग के सुपुर्द कर दिए गए हैं। आरोपी चंद्रभान व साधुराम के खिलाफ धारा ४२९ तथा वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम १९२७ की धारा ५२ के तहत मामला दर्ज कर लिया है।