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Friday, February 3, 2012


विकास यात्रा तो बहाना है, आपसे मिलने आपके पास आना हैः भार्गव

सागर ।पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव अपने क्षेत्र के ग्रामों में भ्रमण कर ग्रामीणजनों से भेंट कर उनके दुख सुख बांटने एक फरवरी से विकास यात्रा कर रहे है । हर ग्राम में एक-एक सी.सी.रोड निर्माण के लिये भूमिपूजन कर आधारषिला रखी ।पंचायत मंत्री ने ग्राम नयाखेरा, रंगोली, गिरवर, भैसवाई, खिरियाखुर्द, सलैया और हिलगन ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणजनो से भेंट की । उन्होंने ग्रामीणजनो से कहा कि मैं तो ऐसा मंत्री हूं जो सबसे ज्यादा अपने क्षेत्र में ही रहता हूं और ग्रामीणो के सुख दुख, शादी व्याह, मृत्यु एवं हर मौके पर उपस्थित रहता हूं । यह विकास यात्रा तो मात्र एक बहाना है जिसके माध्यम से मैं आप लोगो से मिलने अपने गांव में आपके पास आया हूं । उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोग भली भांति जानते है कि मैने विगत वर्षो में इस क्षेत्र में सडको का जाल बिछाने, स्कूल भवनो को स्वीकृत कराने, पुल-पुलियो, सामुदायिक भवनों, स्टापडेमा, बांधो, प्रतीक्षालय और श्मसानघाट विकसित करने जैसे अनेक काम कराये है । मै इस कार्यो की उपलब्धियां बताने यहां नही आया हूं बल्कि ग्रामीणजन यहबतायें कि उनके कौन से काम करना शेष है । आपने कहा कि मै इस क्षेत्र के लिये परिवार की सदस्य की तरह हूं और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी का ऋण अदा करने यहां उपस्थित हूं ।भार्गव ने ग्रामीणों से यह भी अपेक्षा की कि वे अपनी बेटियो को बेटो की तरह समझे उन्हें गर्भ में मारने का पाप न करें ।
लक्ष्य दम्पत्ति को प्रेरित करने पर जोर

सागर . कलेक्टर सागर डा.ई.रमेष कुमार ने जिले में परिवार कल्याण के निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु मैदानी अमलो से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा की । उन्होंने मैदानी अमलो को लक्ष्य दम्पत्ति को नसबन्दी कराने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया साथ ही लक्ष्यापूर्ति के लिये तय रणनीति के अनुसार कार्य करने की हिदायत दी । बैठक में सी.ई.ओ. जिला पंचायत नन्दकुमारन वनमण्डलाधिकारी एस.के.शर्मा, एम.सी.सिंघल और जे. देवप्रसाद, जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. साहू, सिविल सर्जन डा.बी.के.मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास सहित मैदानीचंलो के सी.एम.ओ. जनपदो के सी.ई.ओ. तथा बी.आर.सी. उपस्थित थे । कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र सहित पंचायतवार चिंहित कुल लक्ष्य दम्पत्ति की समीक्षा करते हुए नसबंदी कराने से शेष रहे लक्ष्य दम्पत्ति को आपरेशन हेतु प्रोत्साहित करने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि लक्ष्यापूर्ति के लिए प्रत्येक लक्ष्य दम्पत्ति को प्रोत्साहित करे इस हेतु मैदानीचंलो में कर्मचारी वार लक्ष्य दम्पत्ति की जबावदेही सुनिश्चित हो ।उन्होंने साफ किया कि चिंहित लक्ष्य दम्पत्ति को प्रेरित कर नसबंदी कराने के लिए किस कर्मचारी की जिम्मेदारी है यह सूचीबद्ध किया जाए । उन्होंने ब्लाकवार शेष रहे नसबंदी प्रकरणों तथा कर्मचारियों की उपलब्धता की भी समीक्षा की । उन्होंने कहा कि जिले के सेवा भावी नागरिक एवं स्वैच्छिक संगठनो के ऐसे व्यक्ति जो स्वेच्छा से चिंहित लक्ष्य दम्पत्ति को आपरेशन कराने के लिए प्रेरित कर सकते है उनका सहयोग लिया जाए । बैठक में बताया गया कि जारी फरवरी माह में नसबंदी के लिए 10 एवं 11, 17 एवं 18 एवं 24 और 25 को सागर जिले में एक साथ कमिशनर प्रतिष्ठा शिविर लगाएं जाएंगे । इन शिविरों में जिले के लगभग 8500 कर्मचारी लक्ष्य दम्पत्ति के अनुसार शिविरो में हितग्राहियों को नसबंदी हेतु प्रेरित करेंगे । प्रत्येक कर्मचारी को न्यूनतम तीन नसबंदी केस कराने का लक्ष्य दिया गया ।
कमिशनर  ने किया फाडर बैंक का अवलोकन 

सागर ।कमिशनर सागर  आर.के.माथुर ने बुन्द्रेलखण्ड विषेष पैकेज के तहत ग्राम रतैना के फाडर बैक तथा पषु प्रजनन केन्द्र पर संचालित गतिविधियों एवं नवनिर्मित पषु शाला का निरीक्षण किया । आपके साथ उपायुक्त विकास डा.राजेश राय, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें सागर संभाग सागर डा.जी.एस.डाबर एवं शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र रतौना के प्रबंधक डा.आर.के.मिश्रा उपस्थित थें । कमिश्नर ने पशु चारा एवं भूसा क्रय कर भण्डारण प्रक्रिया शीध्र पूर्ण करने के निर्देश दिए । उन्होंने बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज के तहत हरियाणा एवं पंजाब राज्य से लाये गये मुर्रा पाडों के रखरखाव, प्रबंधन (रेयरिंग) व्यवस्था का अवलोकन किया तथा पशुओं के प्रबंधन में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिये । कमिश्नर ने प्रक्षेत्र के सुदृढीकरण एवं प्रक्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं की कार्य योजना बनाने पर जोर दिया तथा प्रक्षेत्र पर गोबर गैंस बर्मी कम्पोस्ट गतिविधियों को संचालित करने के निर्देश भी दिए । उन्होंने कहा कि प्रक्षेत्र को आदर्श प्रक्षेत्र बनाया जावें ताकि पशु पालकों को प्रक्षेत्र पर संचालित गतिविधियों का निरीक्षण कराया जा सकें तथा पशु पालकों को दक्ष बनाने प्रशिक्षण दिलाने और पशुपालन के प्रति प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए ।
 पूर्व सैनिक करते थे चोरी 

सागर।जीआरपी पुलिस ने एक चोर गिरोह से बड़ी मात्रा में माल बरामद किया है। आरोपी सेना के कर्मचारी रहे हैं जिनके पास से पुलिस ने करीब ३२ सूटकेस सहित बड़ी मात्रा में सोना-चांदी, मोबाइल सहित १५ हजार नकद सहित अन्य माल बरामद किया है। आरोपियों के पास से जब्त माल की कीमत करीब ७ लाख रुपए आंकी जा रही है। जीआरपी थाना प्रभारी एलके कश्यप ने बताया कि यूपी के गाजीपुर निवासी आरोपी हृदय नारायण चौबे सेना में सेवा निवृत्त कर्मचारी है, जबकि दूसरा आरोपी सागिरे आलम खान भरेह चौराहा देवरिया का निवासी है जो सेना से भगोड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के साथ हृदयनारायण की पत्नी आशा चौबे को भी गिरफ्तार किया है।श्री कश्यप ने बताया कि आरोपी मकरोनिया रेलवे स्टेशन पर घूम रहे थे तभी वहां तैनात जीआरपी के जवान को संदेह हुआ और जब उसने आरोपी को रुकने का बोला तो वह तेजी से भागने लगा। इसके बाद जब पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा और पूछताछ की जिसमें उनसे सूटकेस की चॉबी मांगी तो उनके पास चॉबी नहीं थी और उन्होंने स्वीकार करते हुए बताया कि यह चोरी के हैं। सख्ती से पूछतांछ करने पर आरोपियों के मकरोनिया लक्ष्मीनगर स्थित मकान से चोरी का अन्य माल बरामद हुआ।जीआरपी पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के १० सूटकेस, १४ ट्राली बैग और ८ छोटे बैग सहित बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर, ७ कीमती मोबाईल और १५ हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा कीमती बैगों में अच्छी किस्म के महंगे कपड़े भी बरामद हुए हैं। जीआरपी पुलिस के अनुमान के मुताबिक जब्त किए गए कुल माल की कीमत करीब ६ से ७ लाख रुपए हो सकती हैजीआरपी थाना प्रभारी श्री कश्यप ने बताया कि आरोपी पिछले एक साल से यहां सक्रिय थे जिन्होंने करीब चार चोरियां भी स्वीकार कर ली है। विवेचना के दौरान आरोपियों ने बताया है कि वह चोरी के दौरान एसी, स्लीपर और जनरल के टिकट खरीदते थे। ट्रेन की जिस बोगी में उन्हें मौका मिलता था वह यात्रियों का माल गायब कर देते थे। उक्त आरोपी जबलपुर और भोपाल के बीच अधिकांशतः चोरियों को अंजाम देते थे।
हिरण का शिकार, दो आरोपियों को जेल भेजा
सागर  दक्षिण वन मंडल के कनेरा बीट क्षेत्र के खेत में घुसे एक हिरण का शिकार कर लिया गया। मोतीनगर पुलिस ने दो आरोपियों से हिरण का सिर, एक पैर, तीन खुर सहित ६ किलो मांस जब्त कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। वन विभाग को वन्य प्राणी के शिकार की भनक भी नहीं लग पाई थी।पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि धर्मश्री स्थित बीजासेन मंदिर के पीछे वाले खेत में एक हिरण का शिकार हुआ है। एसआई एमके वर्मा ने पुलिस टीम के साथ खेत पर दबिश दी। वहां चंद्रभान पटेल से हिरण का सिर व एक पैर बरामद किया, जबकि पास ही में रहने वाले साधुराम पटेल के घर से हिरण की खाल, तीन खुर व मांस के अलावा कुल्हाड़ी, बका व हंसिया जब्त किया गया। आरोपी चंद्रभान का कहना है कि खेत की फेंसिंग में फंसने के कारण हिरण की मौत हो गई थी। इसके बाद उसे काटा गया है।
वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसआई श्री वर्मा के अनुसार हिरण के सिर पर आगे की ओरदो इंच के दो तथा पीछे की तरफ डेढ़ इंच के दो सींग थे। सिर, पैर, खाल व मांस वन विभाग के सुपुर्द कर दिए गए हैं। आरोपी चंद्रभान व साधुराम के खिलाफ धारा ४२९ तथा वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम १९२७ की धारा ५२ के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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