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Friday, January 25, 2013

नया इतिहास रचा


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 जनवरी गणतन्त्र दिवस पर सागर आकार एक नया इतिहास रच दिया है वे मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए जो यहाँ पर ध्वजारोहण करेंगे 
सागर आगमन ढाना हवाई पट्टी पर आगवानी 

मानव जीवन अनमोल है
मुख्यमंत्री ने उठाया रामकथा का लाभ

सागर । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मनुष्य का जीवन अनमोल है । इसलिये सद्कार्यो से इसे सार्थक करें।उन्होंने कहा कि मानव जीवन का लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति होता है, जिसे तीन मार्गो पर चलकर प्राप्त किया जा सकता है । वे ग्राम ढ़ाना में आयोजित रामकथा के अवसर पर भक्तजनों को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ बैठकर रामकथा का लाभ उठाया। इस अवसर पर उन्होंने रामभजन सुखदायी, जपो रे मेरे भाई, ये जीवन दो दिन का भजन गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
सेवा भाव से भलाई के कार्य करें
सागर । म0प्र0 जन अभियान परिषद की जिला इकाई के तत्वाधान में स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं का सम्मेलन संपन्न हुआ।जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री राघवजी के साथ विधायक शैलेन्द्र जैन, प्रदीप लारिया, संभागीय समन्वयक जिला समन्वयक प्रदीप तिवारी समेत अन्य पदाधिकारियों ने जन अभियान परिषद से जुड़े सदस्यों को आवश्यक सुझाव दिये ।
      स्वीडिश  मिशन स्कूल मैदान में संपन्न स्वैच्छिक कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज जन अभियान परिषद में सभी स्तर की समितियों को मिलाकर अकेले सागर जिले में 12 हजार सदस्य स्वैच्छिक प्रेरणा से जन सेवायें देने शामिल हो गये है । एक गांव में गठित ग्राम प्रस्फुटन समिति के सदस्य यह ना समझे कि वह मात्र 10 की संख्या में है बल्कि यह भाव मन में पैदा करें कि उनके साथ 12 हजार सहयोगी भी है और इस ताकत को पहचानकर गांव की भलाई के लिये बढ़ चढ़कर कार्य करें । सम्मेलन अवसर पर सभी विकासखंडो से आये समन्वयक, नवांकुर समितियों और ग्राम विकास स्फुटन समितियों के सदस्यगण मौजूद थे ।
सम्मान समारोह आज
मुख्यमंत्री रहेगे उपस्थित
सागर। विधायक शैलेन्द्र जैन द्वारा भारतीय संविधान के 63 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सागर विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जाति वर्ग के मुखिया,सम्मानीय नागरिकों का सम्मान समारोह कच्छ कड़वा पाटीदार समाज भवन में 26 जनवरी को प्रातः 11 बजे से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कार्यक्रम अध्यक्ष पं. गोपाल भार्गव, विषिष्ट अतिथियो में सांसद भूपेन्द्र सिंह, संभागीय संगठन मंत्री दिनेष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष जाहर सिंह, महापौर अनीता अहिरवार, नगर निगम अध्यक्ष विनोद तिवारी उपस्थित रहेगे।
एमबीए विभाग की
 इंडस्ट्रियल विजिट
सागर। एसवीएन एमबीए, बीबीए छात्रो के दल ने अम्लाई स्थित ओरियंट पेपर मिल, चचाई थर्मल पॉवर प्लांट का दौरा किया। इस इंडस्ट्रियल  विजिट का उद्वेश्य छात्रो मे कार्पोरेट कल्चर का विकास करना था। छात्रो ने अम्लाई पेपर मिल मे पेपर प्रोसेस के प्रथम चरण से लेकर उत्पादन तक के विभिन्न आयामों का गहनता से अध्ययन किया। साथ ही कम्पनी की मार्केटिंग स्टेªटजी व एच आर पॉलसीज पर रिपोर्ट बनाई। इसके साथ साथ एक अन्य कम्पनी चचाई पॉवर प्लांट मे विद्युत उत्पादन प्रक्रिया का चरणवद्वध अध्यन किया। कम्पनी की ओर से भी विद्युत उत्पादन प्रक्रिया का प्रजेन्टेशन किया गया। इस दौरान छात्रों मे अति उत्साह देखा गया। उल्लेखनीय है कि एमबीए विभाग वर्ष मे दो बार, पांच से दस राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की कम्पनियों  का विजिट कार्यक्रम आयोजित करता है। विजिट को सफल बनाने के लिये चेयरमेन डॉ अजय तिवारी, डॉ अनिल तिवारी ने विभागाध्यक्ष डॉ प्रमेश गौतम को बधाई दी। विजिट कार्यक्रम डॉ प्रमेश गौतम के निर्देशन मे आयोजित हुआ तथा विभाग के फेकल्टी मेम्बर नीरज गौतम, शुभा यादव, दीपाली पुरोहित, अमित पान्डेय का योगदान रहा।
अवैध मांस दुकानों पर कारवाई
सागर। नगर निगम ने नगर में संचालित अवैध मांस की दुकानों पर कारवाई  कर 5 दुकानों के चालान काटे एवं दुकान के सामान को जप्त किया । मुहिम के दौरान स्वास्थय विभाग, अतिक्रमण दस्ते द्वारा कार्यवाही में 10 किलो मुर्गे का मांस जप्त कर नष्ट किया 3 तराजू, 3 काउन्टर, तीन टपरों की जप्ती की। कार्यवाही को तहसीली, चौराहा, गोला कुअंा कलारी के पास, मोती नगर चौराहा, राहतगढ़ बस स्टेण्ड, एवं मीट माकर्कट राधा तिराहा पर कार्यवाही की गई। अमले के द्वारा सड़क के मुख्य मार्ग पर मांस का व्यवसाय कर रहे दुकानदारों पर की।
आयुक्त ने पत्र भेजा
सागर। नगर निगम आयुक्त एस.बी.सिंह ने नगर निगम में बंधक रखे भूखंडों के विक्रय हेतु पंजीयन न करने हेतु उप पंजीयक कलेक्टर स्टांम्प सागर को पत्र भेजा है।  आयुक्त ने पत्र में लेख किया है कि मेसर्स नवकार विल्डकान्स पार्टनर तनय सुरेश चंद जैन, हाल निवासी राजीव नगर वार्ड पटवारी हल्का नं. 130/40, 92,93,/1, 93/2, 93/4 एवं 94 ग्राम पिपरिया पंतनगर वार्ड रकवा 1.51 हेक्टेयर भूमि में आवासीय कालोनी निर्माण हेतु अभिन्यास अनुमोदन कराया है कालोनी के आंतरिक एवं बाहरी विकास होने ते संलग्न अभिन्यास के भूखंड क्रमांक 1,2,3,17,18,26,29,36,39,40,1,42,43,44,45,46,47, एवं 54 कुल भूखंड 18 नगर पालिक निगम सागर के पास अनुबंध के तहत् बंधक रखे गए है। बंधक रखे भूखंडों को जब तक नगर पालिक निगम सागर द्वारा आवेदक को विकास कार्य पूर्ण होने का प्रमाण पत्र एवं बंधक रखे भूखंडों को मुक्त करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता तब तक इन भूखंडों का विक्रय हेतु पंजीयन ना किये जाने का कष्ट करें।
केसली को दीं अनेक सौगातें
सागर । पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने केसली में डी.पी.आई.पी. के तत्वाधान में संपन्न स्व सहायता समूह सम्मेलन में भाग लिया । इस अवसर पर उन्होंने एक करोड़ रूपये की अनुमानित लागत के विभिन्न विकास कार्यो की स्वीकृति दी । साथ ही 134 स्व सहायता समूहों को एक करोड़ 33 लाख रूपये के आजीविका ऋण के चेकों का वितरण किया । इसके साथ ही केसली में नवनिर्मित बी.एम.सी. भवन का लोकार्पण किया और स्व सहायता समूहों को बैंक लिंकेज करने वाले आई.सी.आई.सी. बैंक पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया । उन्होने 5 ग्रामों में शत प्रतिशत स्व सहायता समूहों के बीमाकरण हेतु समिति अध्यक्षों को 500 बीमा पालिसी भी वितरित की ।उन्होंने केसली में पंचायत भवन के लिये 15 लाख, हाट बाजार के लिये 15 लाख, मंगल भवन के लिये 50 लाख रूपये और रैन बसेरा के निर्माण के लिये 20 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की ।समारोह में विधायक भानू राणा ने क्षेत्र विकास की विभिन्न मांगे पूरी करने पंचायत मंत्री से आग्रह किया । साथ ही गौरझामर से सियरमउ तक दो लाइन मार्ग बनाने का प्रस्ताव भी रखा । इस संबंध में भी पंचायत मंत्री ने दो लाइन मार्ग बनाने की शासन से शीघ्र स्वीकृति दिलाने के प्रति आश्वस्त किया ।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया
कार्ड वितरित, छात्र-छात्राओं
 को पुरस्कृत
सागर।  सागर में जिला मुख्यालय समेत सभी मतदान केन्द्रों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह मनाया गया । जिला मुख्यालय में कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में मतदाता सूची में शामिल हुये नवीन मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदान परिचयपत्रों का वितरण किया गया । इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं में लोकतंत्र के महत्व पर आधारित निबंध और लेखन प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किये गये ।महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला में कलेक्टर ने भारत के लोकतंत्र की महत्ता के साथ राष्ट्र निर्माण में मतदाताओं के योगदान के महत्व को प्रतिपादित किया । उन्होंने कहा कि मतदाता का एक मत राष्ट्र निर्माण में बहुमूल्य भूमिका निभाता है ।
     

Wednesday, January 23, 2013

सम्मान


अजा वर्ग का सम्मान 26 को

सागर।भारतीय जनता पार्टी सागर, नगर मंडल की प्रथम बैठक बालाजी मंदिर के पास स्थित विधायक कार्यालय में सम्पन्न हुयी। बैठक की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष रामकुमार साहू ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक षैलेन्द्र जैन एवं वरिष्ट भाजपा नेता एवं पार्षद राजबहादुर उपस्थित थे। बैठक में नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के माध्य संगठन को मजबूत करने एवं सुचारू रूप से चलाने हेतु कार्यो का विभाजन किया गया। 26 जनवरी 1950 को संविधान बनाकर लागू करवाने के लिए डॉं भीमराव अम्बेडकर को सम्मान, अनुसूचित जाति वर्ग अहिरवार, जाटव, खटीक, कोरी, आठ्या, बाल्मिकी एवं बंसल समाज के चौधरी, माते, कोतवाल, बड़कुल एवं समाज के सम्मानीय जनों द्वारा उत्कृष्ट कार्यो हेतु लोगो को सम्मानित करने के कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा बनायी गयी। सम्मन कार्यक्रम के विषय में जानकारी देते हुए नगर विधायक षैलेन्द्र जैन ने  बताया कि यह कार्यक्रम 26 जनवरी 2013 को कच्छ कड़वा समाज धर्मषाला में दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जावेगा। जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो का सम्मान किया जावेगा। बैठक का संचालन नगर महामंत्री विक्रम सोनी एवं आभार उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र खटीक ने व्यक्त किया। बैठक में  उपाध्यक्ष अषोक अग्रवाल, गणेष कटारे, उपस्थित थे।

जनसुनवाई में 85 आवेदकों की समस्यायें सुनी

सागर । अपर कलेक्टर पी.एस.जाटव ने जनसुनवाई में 85 आवेदकों की समस्याये सुनी और उन्हें निपटाने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया ।
स्थानीय कलेक्टर कक्ष में सम्पन्न जनसुनवाई में ग्राम सहावन के उधमसींग दांगी ने आवेदन दिया कि उन्होंने गांव के रिटायर्ड षिक्षक जिनके पास 10-12 एकड़ भूमि है की खेती के काम और ढोर बछेरू के काम की मजदूरी की है । अनावेदक ने उन्हें कुल दो सौ रूपये प्रतिदिन की मजदूरी पर काम कराया किन्तु उनकी दो वर्ष काम करने की मजदूरी नहीं दी है । उन्होंने अनुरोध किया कि उनकी मजदूरी दिलवाई जाये । इस संबंध में सहायक श्रम आयुक्त को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देष दिये गये । जनसुनवाई में श्री राजीव जैन, शषि जैन आदि रजाखेडी निवासियों ने आवेदन दिया कि अंकुर कालोनी रिहायषी इलाके में अरिहंत अस्पताल खुलने से अस्पताल की गंदगी से आस पास के निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर हो रहा है । वाहन खडे रहने से आना जाना मुष्किल हो गया है । अस्पताल की गंदगी से बच्चों में बीमारी व इन्फेक्षन हो रहा है । उन्होंने उक्त अस्पताल को हटवाये जाने का अनुरोध किया । इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को न्यायोचित कार्यवाही करने के निर्देष दिये गये । जनसुनवाई में सागर विकासखंड क्षेत्र के मोबाईल स्त्रोत सलाहकार व वालेन्टियरों ने आवेदन दिया कि उन्हें नियमित मानदेय नहीं दिया जाता है । उन्होंने उल्लेख किया कि सर्वषिक्षा अभियान और अवसर पुर्नवास अनुसंधान के अनुबंध से सभी मोबाईल स्त्रोत सलाहकार व वालेन्टियर सेवायें दे रहे है । उन्होंने विगत तीन माह का वेतन दिलवाये जाने का अनुरोध किया । इस संबंध में जिला समन्वयक जिला षिक्षा केन्द्र को आवष्यक कार्यवाही के निर्देष दिये गये । जनसुनवाई में श्री रमेष कुमार पटैरिया ने आवेदन दिया कि ग्राम पंचायत गढौली जवाहर के सरपंच के विरूद्ध कलेक्टर न्यायालय द्वारा 19.10.2010 को पद का दुरपयोग का दोषी मानते हुए संबंधित सरपंच से 23075 रूपये वसूली करने के आदेष पारित हुये थे । उन्होंने कलेक्टर न्यायालय के आदेष का पालन कराकर न्यायोचित हित में सरपंच से 23075 रूपये की वसूली कराये जाने का अनुरोध किया । इस संबंध में सी.ई.ओ. जिला पंचायत को आवष्यक कार्यवाही के निर्देष दिये गये ।

सम्मान समारोह

सागर।स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय सागर में संकुल प्राचार्य एवं जन शिक्षा केन्द्र प्रभारियों एवं सागर जिले के उत्कृष्ठ शिक्षको का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता कुलाधिपति डॉ. अजय तिवारी  ने की, प्राचार्यएम.डी. त्रिपाठी ने कहा कि उत्कृष्ठ एवं समाज सेवी शिक्षको का सम्मान विश्वविद्यालय की अनूठी एवं अनुकर्णीय परम्परा है, उन्होने कहा कि डॉ. हरिसिंह गौर जैसे दानी व्यक्तित्व की परम्परा को अक्षुण्ण बनाये रखने हेतु कुलाधिपति डॉ. अजय तिवारी एवं कुलपति अनिल तिवारी की  भूरी-भूरी प्रशंसा की। कुलपति डॉ अनिल तिवारी  ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय मै शैक्षणिक उन्नयन के नये विषय का उच्च मान हेतु स्थापित किये जा रहे हैं, विदेशो में भी विश्वविद्यालय का टाई अप किया जा चुका है। डॉ. तिवारी ने शिक्षको का सम्मान करते हुए कहा कि हमारे परिवार की यह संस्कृति है कि हम गुरूओ का गौरव बड़ाने हेतु उन्हे सम्मानित कर पुरूस्कृत करें, इस अवसर पर सागर जिले के समस्त प्राचार्य एवं प्रधान अध्यापको का फूल वर्षा एवं तिलक लगा कर स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम का मंच सचालन आशुतोष शर्मा द्वारा किया गया, विशेष सहयोग डॉ प्रमेश गौतम, आशीष नामदेव, दिव्या सोनी, गोविन्द उपाध्याय एवं शिवम चौबे द्वारा किया गया।

मूर्तिकारों का प्रशिक्षण

सागर।म.प्र. जन अभियान परिषद की सृजन योजनांतर्गत सागर संभाग के समस्त जिलों के मूर्तिकला के चिन्हांकित कलाकारों का एकदिवसीय क्षमतावृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम आदित्य क्लासेज, गोपालगंज सागर में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मूर्तिकला से जुड़े कलाकारों को मिट्टी से निर्मित मूर्तियांे के निर्माण को प्रोत्साहित किया जाये। संभाग समन्वयक, म.प्र. जन अभियान परिषद् संभाग सागर अमित शाह ने बताया कि विगत् कुछ समय से मूर्ति निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा कृत्रिम रासायनिक रंगों के बड़ते चलन से मूर्तियों के विसर्जन के उपरांत जल स्त्रोतों के प्रदूषण में वृद्धि हुई है। इस प्रदूषण के रोकथाम के उद्देश्य से म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा मिट्टी से बनी मूर्तियों के प्रचलन को बड़ावा देने के लिये वृृहत् स्तर पर प्रयास किये जा रहे है। कार्यक्रम का शुभांरभ वरिष्ठ कलाकार  विष्णु पाठक के मुख्य आतिथ्य में हुआ। आपने मिट्टी से मूर्ति निर्माण के लाभ बताते हुये कलाकारों से आहवान किया कि वे अपने क्षेत्र में जाकर मिट्टी से मूर्ति का निर्माण करे साथ ही इसके प्रचार-प्रसार के लिये कार्य करें। मिट्टी से मूर्ति निर्माण की विधा में प्रशिक्षण देने के लिये भोपाल से मुख्य प्रशिक्षक के रूप में सागर आये क्ले-आर्टिस्ट अशोक भारद्वाज ने मिट्टी से मूर्ति निर्माण, रंगीन मिट्टी निर्माण, मिट्टी से निर्मित मूर्तियों का व्यवसायिक स्थापन आदि विषयों में प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया साथ ही मिट्टी से विभिन्न मूर्तियों के निर्माण का प्रायोगिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने भी मिट्टी से मूर्ति का निर्माण किया। प्रशिक्षण उपरांत समस्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण किया गया। आभार जिला समन्वयक सागर प्रदीप तिवारी द्वारा किया गया। महिला मोर्चा अध्यक्ष ने किया
जन चौपाल में सुनी समस्याएँ

सागर। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने जन चौपाल में सागर संसदीय क्षेत्र की समस्याएँ कलेक्टर परिसर में सुनीं और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र एवं टेलीफोन के माध्यम से हल कराने के दिशा निर्देश दिए। जन चौपाल में जन समस्याओं से संबंधित सौ से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हुए।
सांसद जन चौपाल में राजघाट गढ़ौली निवासी संतोष आदिवासी ने आवेदन देकर सांसद भूपेन्द्र सिंह से कहा कि उसकी 27 एकड़ कृषि भूमि राजघाट बांध में डूब जाने के कारण उस भूमि के बदले में ग्राम असौली मालथौन में शासन ने दूसरी भूमि आवंटित की थी। लेकिन दबंगों के कारण अब तक उस भूमि पर वह काबिज नहीं हो पाया। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल भूमि पर काबिज कराने के निर्देश दिए। इसी तरह का आवेदन जाहर सिंह ने भी दिया कि उसकी 16 एकड़ कृषि भूमि बांध के डूब क्षेत्र में चली गई। उसके बदले में ग्राम जगराई में उसे भूमि आवंटित की गई थी। लेकिन दबंगों ने कब्जा नहीं करने दिया। सांसद ने कलेक्टर को पत्र लिखकर भूमि का कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।
जैसीनगर से हरगोविंद सिंह, देवी सिंह सहित 50 लोगों ने जन चौपाल में आवेदन देकर कहा कि जैसीनगर में गोर्वधन मेला के  लिए दस एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में सांसद ने एस.डी.एम. से दूरभाष पर चर्चा कर निर्देश दिए। राहतगढ़ की जनपद सदस्य श्रीमती वर्षा यादव ने सांसद से कहा कि वन ग्रामों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाए। इस संबंध में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्देश दिए।
किशनपुर जैसीनगर के राजू कुर्मी एवं फूलसिंह कुर्मी ने आवेदन में कहा कि उनके प्लाटों पर भूमि माफियों ने कब्जा कर लिया है। सांसद ने एस.डी.एम. को दूरभाष पर निर्देश दिए कि पीडि़तों के प्लाटों पर से तत्काल अवैध कब्जा हटाया जाए और प्लाटों के मालिकों को कब्जा दिलाया जाए। जन चौपाल में संतोष रोहित, मुन्ना तंतुवाय, , विनय चौबे, अरविंद तोमर, भगवती प्रसाद जाटव, अरविंद सिंह, सुरेश सिंह जाट, उपस्थित थे।
 
संक्रांति मिलन समारोह

सागर। भाजपा जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती सरोज सिंह के आयोजन पर मकर संक्रांति पर्व के उपरांत महिला मोर्चा की महिलाओं ने आपस में हल्दी कुमकुम लगाकर संक्रांति मिलन समारोह गोपालगंज स्थित सुबेदा ठाकुर के निवास पर आयोजित किया। इस अवसर पर भजन संकीर्तन का भी आयोजन किया गया।
मिलन समारोह में नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती अनीता अहिरवार, श्रीमती डॉ. साविया खान, पार्षद श्रीमती गीता दक्ष, श्रीमती सविता साहू, श्रीमती आशा यादव, श्रीमती माला अहिरवार, श्रीमती मीरा चौरसिया, श्रीमती अनिता बेलापुरकर, याकृति जडिय़ा, श्रीमती दीपिका मालवीय, श्रीमती सुधा शर्मा, राधा साहू, श्रीमती प्रभा साहू, ताहिरा बी, श्रीमती कल्पना दुबे, श्रीमती ममता, श्रीमती अनीता सैनी, श्रीमती धनबाई रैकवार, श्रीमती लक्ष्मी रैकवार सहित अनेक महिलाएँ उपस्थित थीं।  

Thursday, January 17, 2013

हंगामा



ननि सागर में मचा गालियों के साथ हंगामा

*निगम परिसर में कर्मचारियों ने फिल्म जैसा दृश्य पैदा किया,

*आयुक्त की सलाह मंहगी पड़ी लेखापाल को

 मनोज शुक्ला

सागर। कुछ क्षणों के लिए सभी स्तब्ध रहे गए मानो ऐसा लग रहा था जैसे हम सभी किसी हिन्दी फिल्म का एक्शन ड्रामा देख रहे हों। हर तरफ से मां बहिन की गालियों के स्वर गूंज रहे थे। हर चेहरे पर आक्रोश स्पष्ट झलक रहा था। सभी ने जैसे ठान लिया था कि आज या तो लेखापाल  रहेगा या वे कर्मचारी रहेंगे। कई बार तो ऐसा लगा कि शोरगुल, गाली गलौच के बीच लेखापाल को लतयाया जाएगा। लेकिन कुछ मर्यादाओं और कुछ बीच-बचाव की उम्मीदों ने लेखापाल को बचा लिया। लेकिन जिस तरह फिल्मों घटित होता है ठीक वैसा ही गुरूवार की दोपहर को घटित हो गया। जिससे साबित हुआ कि विधि के विधान को कोई टाल नहीं सकता है। मारपीट से बचने  लेखापाल रामाश्रम भोजनालय खाना खाने चले गए जहां पर खाना खाने पर विवाद ने उनके साथ वही स्थिति निर्मित कर दी जिसकी वजह से वे नगर निगम कार्यालय  को छोडक़र भागे थे। रामाश्रम में  भोजन करने वाले एक आदमी ने लेखापाल के साथ जोरशोर से पिटाई की। इस तरह जो इच्छा कर्मचारी पूरी नहीं कर सके थे वह इच्छा भगवान ने भोजनालय में किसी दूसरे से पूरी करा दी। यह नजारा नगर निगम के लेखापाल शरद बरसैंया के साथ पूरे परिसर में देखने मिला।
 गौरतलब है कि नगर निगम में लेखापाल शरद बरसैंया के प्रति सभी कर्मचारियों में गुरूवार के दिन जरूरत से ज्यादा आक्रोश देखने मिला। सभी शाखाओं के कर्मचारी एक स्वर में लेखापाल को हटाने के नारे लगा रहे थे। निगम के गेट से लेकर लेखापाल के कक्ष तक अभूतपूर्व हंगामा कर्मचारियों ने किया। आज के दिन कर्मचारियों ने सभी मर्यादाओं को तोडक़र लेखापाल सहित आयुक्त एसबी सिंह और स्थापना शाखा में पदस्थ दामोदर ठाकुर के खिलाफ अत्याधिक जहर उगला। मामला यह था कि एक तो निगम के सभी कर्मचारियों को 17 दिन गुजरने के बाद वेतन मिला। वह भी 25 प्रतिशत कम था। इसलिए कर्मचारियों के बीच इस कम राशि को लेकर जबरदस्त आक्रोश उत्पन्न हो गया। तुरंत फुरंत कर्मचारी संघ के नेता माधव कटारे के साथ सभी ने इस मसले पर चर्चा की। बाद में सभी लोग एकत्रित होकर बरसैंयां के चेम्बर की ओर बढ़े। यहां पर जब 3-4 कर्मचारियों ने आक्रोश में आकर बरसैंया को मारने के लिए हाथ तक उठा लिए। लेकिन कुछ लोगों की समझाईश के बाद मामला शांत हो गया। लेकिन कर्मचारी अंतत: बरसैंया को हटाने की जिद पर अड़े रहे। बात इतनी बढ़ गई कि बरसैंया बोले कि कागज लाओ हम अभी इस्तीफा दे देंगे। लेकिन लालच और भ्रष्टाचार में डूबे लेखापाल ने फिर गिरगिट की तरह रंग बदला और कहने लगे कि यदि माधव भैया और बिल्थरे जी कहेंगे तो हम इस्तीफा दे देंगे। जबकि माधव कटारे वहीं पर मौजूद थे और उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि दैवेभो कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित पूरा वेतन दिया जाए। तभी कोई बात होगी। इसके अलावा कर्मचारी, आयुक्त एसबी सिंह को बुलाने के लिए लेखापाल से बार-बार गाली-गलौज के सहित बुलाने कहते रहे। कुछ ही देर बाद आयुक्त नगर निगम में आए उन्होंने हंगामे को देखकर कहा कि कर्मचारियों में से चार-पांच लोग उनके चेंबर में आकर चर्चा कर लें। लेकिन माधव कटारे इतने ज्यादा आक्रोश में थे कि वे इस मुद्दे पर आयुक्त के कक्ष में जाने के इच्छुक नहीं दिखे। हालांकि उन्होंने आयुक्त से सभाकक्ष के बाहर ही स्पष्ट रूप से कह दिया था कि 263 कर्मचारियों को नियमित किया जाए। बांकी उन्हें कुछ नहीं कहना है।
           उल्लेखनीय है कि नियमितीकरण के लिए एक कमेटी गठित की गई है। उसमें स्थापना के दामोदर ठाकुर सहित लेखापाल और अन्य लोग तरह तरह के अड़ंगे लगा रहे हैं। जिससे कर्मचारी प्रतिदिन हताशा का शिकार बन रहे हैं। फलस्वरूप इसी हताशा ने निगम परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया है। एक तरफ कर्मचारी कहते हैं कि लेखापाल आयुक्त से विवाद कराना चाहता है और अपनी कलम दैवेभो कर्मियों के मामले में नहीं फंसाना चाहता है। जबकि कुछ कर्मचारी और ठेकेदार आयुक्त के सलाहकार बने हुए हैं। अयुक्त कर्मचारियों की वजाय ठेकेदारों के इशारों पर कर्मचारी हितैषी निर्णय ले रहे हैं। यह भी बड़ा ही आपत्तिजनक मामला है। यही नहीं कर्मचारी संघ के एक गुट ने आयुक्त से चर्चा की। लेकिन बाद में आयुक्त ने एक कर्मचारी से कहा कि यदि इसी प्रकार का रवैया रहा तो वे नियमितीकरण में कोई भी व्यवधान पैदा कर सकते हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि आयुक्त एसबी सिंह के कार्यकाल में हाईकोर्ट ने 83 दैवेभो कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। लेकिन उन्होंने केवल 6-7 कर्मचारियों का पैसे लेकर भला किया। हालांकि जिन्हें नियमित किया गया है वे भी योग्य नहीं थे। कोर्ट को गुमराह करके उनके पक्ष में संबंधित शाखाओं के प्रभारियों ने ब्यान दिए थे। जिससे उनका रास्ता साफ हो गया था।
             कर्मचारियों में स्थापना प्रभारी दामोदर ठाकुर के खिलाफ भी आक्रोश था इसलिए माधव कटारे और संघ सदस्यों के बीच उन्हें बुलाकर नियमितीकरण में बाधक नहीं बनने की चेतावनी दी गई। साथ ही इस शाखा में पदस्थ एक महिला कर्मी भी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के पक्ष में नहीं है। इस तरह वे भी अपनी टांग अड़ाए हुए हैं। निगम में कर्मचारियों के बीच मतभेद पैदा करने में आयुक्त भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे इस हंगामे के लिए लेखापाल के साथ उतने ही जिम्मेदार हैं जितने की अन्य कर्मचारी क्योंकि करीब 25 लाख से अधिक की राशि मकान किराया और भत्ता आदि बढऩे से इस बार कर्मचारियों को अधिक वेतन मिलना था। लेकिन आयुक्त ने भी लेखापाल से सभी कर्मचारियों की 25 प्रतिशत राशि कम भुगतान करने का मौखिक आदेश दिया। जिससे बिना किसी जानकारी के कम राशि मिलने के बाद कर्मचारियों ने हंगामा खड़ा कर दिया दूसरी ओर आयुक्त ने सफाई कर्मियों को पूरा वेतन दिलाने आदेशित किया था। इस तरह निगम में बैठे अधिकारी, कर्मचारी अपने अपने तरीके से खेल करवा रहे हैं।
             कर्मचारियों ने खेल महोत्सव, सभाकक्ष, आयुक्त कक्ष आदि पर खर्च की गई अनाप शनाप राशि पर भी इसी दौरान आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि इन सब खर्चों की वजह से उन्हें समय से वेतन नहीं मिला है। इस प्रकार का व्यवहार आयुक्त के खिलाफ जाता है। पूरे परिसर में करीब करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा। लेकिन महापौर अनीता अहिरवार निगम में झांकी तक नहीं।  प्रतिनिधि करीब सवा पांच बजे तक परिसर में मौजूद रहा। इस दौरान भी महापौर गायब ही रहीं। जबकि इतना हंगामा होने के बाद उन्हें अपनी परिषद की खोज-खबर जरूर लेना थी। केवल पूरे मामले के दौरान नरेश यादव इत्फाक से चक्रेश सिंघई, नईम खान और कुछ चापलूस कर्मचारी, ठेकेदार आयुक्त के ईदगिर्द घूमते रहे। यही नहीं एक तरफ नेता प्रतिपक्ष चक्रेश सिंघई, बाहर से तो कर्मचारियों के साथ और निगम भ्रष्टाचार के खिलाफ दिखते हैं लेकिनवे भी अपनी स्वार्थसिद्धी के लिए आयुक्त के लिए यह सलाह देने से नहीं चूके कि जब तक हंगामा करने वाले कर्मियों के खिलाफ धारा 353 का उपयोग नहीं करेंगे। तब तक यही होता रहेगा। हालांकि यह सलाह तो उन्होंने बाद में दी लेकिन शायद कर्मचारियों को पहले से मालूम था कि चक्रेश सिंघई उनके खिलाफ हैं। इसलिए उनकी गैरमौजूदगी में ही उनके चेंबर को खोलकर गाली देकर सभी ने अपनी अपनी भड़ास निकाल ली थी।

लेखापाल ने रची साजिश

      जब कर्मचारी आक्रोश में आकर उनके चेंबर पहुंचे मारपीट करने उतारू हुए तो कर्मचारियों ने लेखा शाखा को बंद करके बाहर आने कहा। तब उन्होंने पार्षद नरेश यादव और एक अन्य कर्मचारी मौजूदगी में शाखा की कुर्सी उठाकर कांच के पार्टीशन पर मारी फिर दोनों टेबल के कांच उठाकर पटक दिए। जिससे दोनों कांच चकनाचूर हो गए। साथ ही उन्होंने अपने मोबाइल से कर्मचारियों द्वारा की गई गाली-गलौच की रिकॉर्डिंग की। साथ ही मीडिया का डर भी दिखाया। इस प्रकार उन्होंने कर्मचारियों के आक्रोश को इस प्रकार की साजिस रचकर उनके खिलाफ पुलिस का मामला बनवाने का प्रयास किया। इसके बाद वे नगर निगम छोडक़र बाहर चले गए।  कुछ पार्षदों ने आरोप लगाए हैं कि जो अखबार शहर को लीड कर रहा है उसमें निगम का बचाव किया जाता है।

एस्सेल का एग्रीमेंट है संदिग्ध

बिजली कर्मचारी 20 जनवरी को

करेंगे विरोध प्रदर्शन

मनोज शुक्ला 
 
सागर। पिछले दिनों शहर संभाग को बिजली कंपनी एस्सेल के हवाले कर दिया गया है। इस निजीकरण प्रक्रिया की वजह से बिजली कर्मचारी सहित उनके प्रतिनिधि महासंघ ने पहले तो कोई विरोध दर्ज नहीं कराया। लेकिन अब वे इस कंपनी की खिलाफत करने के मूड में आ गए हैं। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर उज्जैन में भी इस कंपनी का लगातार विरोध हो रहा है। लेकिन सरकार बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण में लगी है। कांग्रेस सरकार ने पहले बिजली बोर्ड के लिए सरकारी कंपनियों में बदलकर जनता की गाड़ी कमाई को इनके हाथों में सौंप दिया। अब भाजपा सरकार अपने हितों की खातिर सरकारी कंपनियों को निजी कंपनियों के हाथों में अरबो रूपए की संपत्ति सौंप रही है। इस प्रकार जनता के धन पर निजी कंपनियां ऐश कर रही हैं। जबकि इस प्रकार संपत्ति को हवाले करने के बाद भी बिजली कर्मचारियों ने कोई विरोध नहीं किया। चूंकि बिजली कर्मचारियों में सर्वाधिक नेता भाजपा से जुड़े अनुसंगी संगठनों से वास्ता रखते हैं। जिसकी वजह से वे कुछ दिनों तक विरोध को लेकर असमंजस्य में रहे। हालांकि जब भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध बिजली कर्मचारी महासंघ की नींद खुल चुकी है। इस महासंघ के किशोरी लाल रैकवार ने कंपनी का विरोध करने का निर्णय ले लिया है। फलस्वरूप जहां पिछले दिनों कांग्रेस के एक नेता ने बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया था वहीं अब भाजपा सरकार के संगठनों से जुड़े लोग भी एस्सेल का विरोध करने पर उतारू हैं। जिससे लगने लगा है कि कंपनी को निकट भविष्य में वितरण व्यवस्था पर संकट का सामना करना पड़ेगा। वैसे कंपनी ने शहर संभाग के परिसर पर बहुत बड़ी राशि खर्च करके कायाकल्प करने की मंशा जाहिर की है। लेकिन परिसर को बदलने से शहर की बिजली वितरण व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो पाएगे। आज भी विद्युत उपभोक्ता बिजली बिलों में गड़बड़ी, समय वे समय की कटौती को लेकर परेशान हैं। इसके अलावा उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए कंपनी के कर्मचारी, अधिकारी फिलहाल तो उपभोक्ताओं से ठीक-ठाक व्यवहार कर रहे हैं। यह व्यवहार भी वे मजबूरी के तहत करते हैं। चूंकि कंपनी के हैंडओवर होते ही विरोध के स्वर फूटने लगे थे। जिससे एस्सेल कंपनी के प्रबंधन ने रणनीति में ढील बरतना शुरू की है। वैसे कंपनी को जल्दबाजी भी नहीं है क्योंकि कंपनी के साथ 15 वर्षों का सरकार का करार हुआ है। इसलिए वे निश्चिंत हैं यदि एक बार उपभोक्ताओं को अपने बस में कर लिया तो फिर 15 वर्षों तक उनका खून चूंस सकते हैं।

ये कैसा गोलमाल!

सरकार में एस्सेल कंपनी के साथ किसी भी प्रकार का करार नहीं किया है। गौरतलब है कि जब पूर्वी क्षेत्र वितरण कंपनी ने नीलामी की थी उसके बाद नीलामी में सफल बोलीदारों में स्मार्ट बायरलेस लिमि. कंपनी के लिए सीएमडी ने पत्र लिखा है। जिससे स्पष्ट है कि एस्सेल कंपनी सफल बोलीदार नहीं थी। फिर भी जब सागर में नगर संभाग की कमान एस्सेल ने संभाली तब बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया। इस तरह स्मार्ट वायरलेस लिमि. और एस्सेल के बीच का गोरखधंधा अभी तक अबूझ पहेली है।

भर्ती में धांधली

एस्सेल बिजली कंपनी विधिवत शहर संभाग का प्रभार संभालने के काफी पहले से सागर में जमीन हुई थी। उन्होंने इस तरह कंपनी की जरूरत की हिसाब से कर्मचारियों की चुपचाप भर्ती कर ली। किसी भी प्रकार का विज्ञापन निकालकर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की है जो एक प्रकार से शहर के होनहार लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हुआ है। इसी प्रकार कर्मचारियों के विरोध को शांत करने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों के नाते-रिश्तेदारों सहित सेवानिवृत कर्मचारियों को अपनी कंपनी में प्रश्रय दिया है। जिससे कुछ दिनों तक विरोध के स्वर शांत रहे। हालांकि यह उपाय भी अब निरर्थक साबित होने वाला है। बिजली कर्मचारी महासंघ कंपनी की जोरदार तरीके से खिलाफत करेगा। ऐसा दावा महासंघ ने किया है।  
  
झूठे हैं एस्सेल के दावे

मनोज शुक्ला

सागर। करीब डेढ़ महिने से मप्र पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण  कंपनी का कामकाज एस्सेल ग्रुप देख रहा है। लेकिन यह निजी कंपनी शहर के उपभोक्ताओं के बीच अपनी छबि बनाने के लिए झूठे दावे कर रही है। हालही में कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि बिजली कंपनी ने विद्युत मंडल को तीन करोड़ 77 लाख की वसूली उगाहकर दी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि विद्युत मंडल को उपभोक्ताओं से बिल वसूली में पसीना आ जाता था। यही नहीं तमाम प्रयासों के बाद बिल वसूली में उन्हें सफलता नहीं मिलती थी। जबकि विद्युत मंडल के अधिकारियों का  दावा है कि एस्सेल कंपनी द्वारा वसूला गया राजस्व कम है। कार्यपालन यंत्री एसके गुप्ता के अनुसार एस्सेल कंपनी  के अधिग्रहण से पहले विद्युत मंडल पांच करोड़ का राजस्व प्रतिमाह वसूल कर रही थी। इस तरह देखें तो कंपनी के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इतना ही नहीं कंपनी की ओर से जारी विज्ञप्ति में विद्युत मंडल पर उल्टे सीधे आरोप भी लगाए हैं। जिनसे ऐसा लग रहा है कि कंपनी शहर के उपभोक्ताओं को अच्छी सेवा देने के बजाय सरकारी बिजली कंपनी की साख को बट्टा लगाने आई है। आश्चचर्यजनक तथ्य यह है कि जो आरोप लगाए गए हैं। उनकी भाषा बड़ी ही असभ्यतापूर्ण है। जिससे अंदाजा लगता है कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारी पढ़े लिखे ही नहीं हैं। इसके अलावा विज्ञप्ति में यह भी दावा है कि अब अगले महीने से एस्सेल अपने तरीके से वसूली करेगी। यह कहना भी बड़ा ही हास्यायप्रद लग रहा है क्योंकि वसूली तो नियम अनुसार ही होगी। इस तरह एक तरफ सरकारी बिजली कंपनी सहित उपभोक्ताओं के मन में भी डर पैदा किया जा रहा है। जबकि एस्सेल ग्रुप की पालसी में केवल उपभोक्ताओं को अच्छी सेवा ही नहीं देना है वरन शहर के भीतर मौजूद जनता को सामाजिक, आर्थिक रूप से खड़ा भी करना है। जिससे उनके जीवन स्तर में बदलाव आ सके और वे अच्छे से जीवन-यापन कर सकें। लेकिन कंपनी में बैठे अधिकारी कर्मचारी इस लक्ष्य की अनदेखी करने में लगे हैं जो बेहद ही आश्चर्यजनक है। इतना ही नहीं सरकारी बिजली कंपनी के अधिकारी एस्सेल के अनर्गल प्रलाप पर अपनी ओर से आपत्ति भी दर्ज नहीं करा रहे हैं। जबकि निजी कंपनी सरकार की छबि को धूमिल करने में लगी है।

कांग्रेस ने जताया आक्रोश 
     
              जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रेखा चौधरी ने एस्सेल विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किए जा रहे उपभोक्ताओं के शोषण एवं मनमानी पर तीखा आक्रोश जताया है। उन्होंने कंपनी को दिए गए ठेके को समाप्त करने की मांग करते हुए उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की इस अत्यावश्यक सेवा में बिजली की मंहगी दरों के बाबजूद आम गरीब व मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं से बिजली बिलों की मनमानी वसूली की जा रही है।